Essay on Tiger । बाघ पर निबंध

Essay on Tiger । बाघ पर निबंध

भारत विविधता का देश है, जहां विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे पशु पक्षी और जीव जंतु पाए जाते हैं। जो इस देश की सुंदरता में चार-चार लगा देते है। भारत में सैकड़ो प्रजाति के जानवर पाए जाते हैं उनमें से एक भाग भी है। बाघ एक जंगली जानवर है जो की पूरी दुनिया में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम पैंथेरा टाइग्रिस है। भारत में यह घने जंगलों में भी पाया जाता है, और यह अपने भोजन के लिए दूसरे जानवरों का शिकार करता है इसलिए इसे मांसाहारी जानवर भी कहते हैं। इसके दांत और पंजे बहुत ही नुकीले होते हैं जिसकी मदद से यह जानवरों का शिकार करता है। यह सबसे निर्दयी जंगली पशु माना जाता है, जिससे सभी जानवर भयभीत होते हैं। यह बहुत ही ताकतवर पशु है, जो लम्बी दूरी तक छलांग लगा सकता है। इनके वजन और आकर उनकी प्रजातियों, उपजातियो और स्थान के अनुसार अलग-अलग है। लेकिन दुर्भाग्य बस आजकल उनकी संख्या दिन पर दिन घटती जा रही है। इनके संरक्षण के लिए सरकार नेशनल पार्क और वन्य जीव अभ्यारण विकसित कर रही है। प्रत्येक वर्ष 2010 से 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाना सुनिश्चित किया गया। इस लेख में हम राष्ट्रीय पशु बाघ पर निबंध | Essay on Tiger के बारे में बात करेंगे

About National animal tiger। राष्ट्रीय पशु बाघ के बारे में

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि बाग हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है। यह हमारी वन्यजीवो के जीवन को संतुलित रखते हैं, इस प्रकार यह पृथ्वी के संतुलन का भी एक महत्वपूर्ण अवयव है। हमें उनकी सुरक्षा करनी चाहिए ताकि हमारे आने वाली पीढ़ी भी इनके बारे में जान सके और समझ सके। इनके संरक्षण और उनके बारे में लोगों को बताने के लिए ही 29 जुलाई को बाघ दिवस मनाया जाता है जिसमें लोगों को जागरूक किया जाता है कि उनको संरक्षित किया जाए क्योंकि यह हमारी प्राकृतिक धरोहर हैं। बाघों की तीन प्रजातियाँ विलुप्त हो गई हैं, जिनके नाम हैं- कैस्पियन, बाली और जावन। बाघों को विलुप्त होने से बचाने के लिए उन्हें चिड़ियाघर में रखा जाता है, हालांकि वे वहां सहज महसूस नहीं करते हैं। भारत सरकार ने अप्रैल 1973 में “प्रोजेक्ट टाइगर” नाम से एक अभियान चलाया जिसके फल स्वरुप उनकी स्थिति में कुछ सुधार आया। राष्ट्रीय पशु के बारे में और भी अच्छे से जानने के लिए अंत तक पढ़े।

 Essay on Tiger for Class 1। बाघ पर निबंध कक्षा 1 के लिए

हमारे भारत देश में सैकड़ों प्रजाति के जानवर पाए जाते हैं जिसमें से एक बाघ भी है। Essay on Tiger

  • बाघ को भारत का राष्ट्रीय पशु कहते है।
  • बाघ बिल्ली परिवार का सबसे बड़ा जंगली जानवर है।
  • इस दुनिया में प्रत्येक बाघ अद्वितीय है; किन्हीं भी दो बाघों के शरीर पर एक जैसी धारियाँ नहीं पाई जाती है।
  • बाघ के पास 4 पैर, 2 आंखें, 2 कान और 1 पूंछ होती है।
  • इनके दांत और पंजे के नाखून काफी नुकीले होते हैं।
  • बाघ एक “मांसाहारी” जानवर है। जिसका तात्पर्य है कि अपने भोजन के लिए अन्य जानवरों का शिकार करता है।
  • बाघ का शरीर लंबा और मजबूत होता है। यह जंगल के सबसे मजबूत जानवरों में से एक है।
  • बाघ “दहाड़ने” की आवाज निकालते हैं जिसे 3 किमी दूर तक सुना जा सकता है।
  • बाल जंगल में 26 साल तक जीवित रह सकता है।
  • अगर बाघ को चिड़ियाघर में रखा जाए तो 16 से 18 साल तक जीवित रहता है।
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10 lines on Tiger। बाघ पर 10 लाइंस

बाघ हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है और उसकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इस लेख के द्वारा हम आपको बाग पर 10 लाइंस | Essay on Tiger 10 lines लेने बताएंगे यकीनन आपको बाघ के बारे में अच्छी जानकारी मिल जाएगी।

  • बाघ बहुत शक्तिशाली और तेज दौड़ने वाला जानवर है।
  • मादा बाघ को “बाघिन” कहा जाता है और यह अपनी संतान को जन्म देती है जिसे “शावक” कहा जाता है।
  • यह दूसरे पशुओं; जैसे – गाय, हिरन, बकरी, खरगोश (कभी-कभी अवसर के अनुसार मनुष्यों को भी) आदि के खून और मांस का बहुत अधिक शौकीन होता है।
  • इनकी आंखें बिल्ली की आंखों के समान होती हैं लेकिन सफेद बाघ की आंखें नीली होती हैं।
  • एक बाघ एक दिन में लगभग 25 से 30 किलो तक मांस खा सकता है।
  • इनके सुनने, सूंघने और देखने की क्षमता तेज होती है।
  • यह बहुत ही शान्त दिखता है हालांकि, यह बहुत ही चालाक होता है और बहुत अधिक दूरी से भी अपने शिकार को महसूस कर लेता है। 
  • 2010 से हर साल 29 जुलाई को इनके प्रति लोगो को जागरूक करने के लिए बाघ दिवस मनाया जाता है।
  • बाघ पानी में भी तैरने के शौकीन होते हैं।
  • भारत में पहले बाग की नौ प्रजातियां पाई जाती थी जिनमें से अब तीन विलुप्त हो चुके हैं।

Essay on my favourite animal Tiger। मेरे पसंदीदा पशु टाइगर पर निबंध

  • मेरा पसंदीदा पशु बाघ है।
  • बाघ पूरी दुनिया में पाया जाता है।
  • बाघ हमारे देश भारत का राष्ट्रीय पशु है।
  • इसके 4 पैर, 2 आंखें, 2 कान और 1 पूंछ होती है।
  • बाघ बिल्ली के प्रजाति का सबसे बड़ा जानवर है।
  • बाघ दृष्टि अच्छी होने के कारण या दिन और रात दोनों समय में शिकार कर पाता है।
  • यह प्राय रात में शिकार करते हैं और दिन में सोते हैं।
  • 29 जुलाई को बाघ दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • यह जानवर एकांत में रहना ज्यादा पसंद करता है।
  • बाघ जंगल में रहने वाला एक स्तनधारी मांसाहारी पशु है।
  • यह बहुत ही शक्तिशाली और साहसी जानवर है।
  • यह बहुत ऊंचाई तक चलांग लगा सकता है।
  • इनके दहाड़ की आवाज बहुत तेज होती हैं जो दूर-दूर तक सुनाई देती हैं।
  • बाघों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने बाघ परियोजना को शुरू किया।
  • यह छोटे जानवर जैसे गाय बकरी हिरन आदि का शिकार करके अपना पेट भरता है।
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Few lines about tiger। बाघ के बारे में कुछ जानकारी

भारत अनेकता का देश है, यहां न जाने कितने पशु पक्षी पेड़ पौधे पाए जाते हैं। लेकिन हमने भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में आप को ही चुना है। अगर इसके शारीरिक बनावट की बात की जाए तो यह गठीला और मजबूत होता है। इसके शरीर की लंबाई औसतन 7 से 10 फुट होती है। वजन इसका औसतन 300 किलोग्राम से ज्यादा ही होता है। इनके शरीर पर काले और भूरे रंग की धारियां पाई जाती है जो कि लोगों के मन को बहुत ही आकर्षित करती हैं। वहीं कुछ जगहों जैसे साइबेरिया और चीन में सफेद रंग के भी भाग पाए जाते हैं। बहुत ही ताकतवर और पशु होता है और यह 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होता है। अगर हम मादा बाघ की  बात करें तो इनका गर्भकाल 90 से 110 दिन तक चलता है। यह एक साथ दो से तीन शावक को जन्म देती हैं लेकिन जन्म के पश्चात उनकी आंखें बंद होती हैं , जो की 14 से 15 दिनों के बीच में खुद ही खुलती हैं। बाघ पेड़ों पर चढ़ने और पानी में तैरने दोनों में सक्षम होते हैं।

हमारी  संस्कृति मे बाघों का महत्व (Importance Of Tigers in our Culture)

हम भारतवासी धर्म और आस्था से बहुत ही ज्यादा जुड़ाव रखते हैं। हम सभी जानते है कि देवी दुर्गा बाघ(Essay on Tiger) की सवारी करती है। इसलिए हमारी संस्कृति में मां दुर्गा के साथ-साथ बाघ की भी पूजा की जाती है। यह देखने में बहुत ही मनोहर और ताकतवर शक्तिशाली होता है जो लोगों को अपनी और बहुत ही आसानी से आकर्षित कर लेता है। इन्हीं कर्म के कारण भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय पशु के रूप में सम्मानित किया है। लेकिन दुर्भग्वश इनकी प्रजातियां दिन प्रतिदिन गायब होती जा रही हैं, जिसका मुख्य कारण इसका अवैध शिकार करना है। बाघ के संरक्षण के लिए 1972 में प्रोजेक्ट टाइगर अभियान शुरू किया गया जो बाघ की सभी प्रजातियों को संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहा है। पहले भारत में बाघ की नौ प्रजातियां पाई जाती थी जिनमें से तीन अब विलुप्त हो चुकी हैं। इनको सुरक्षित रखने के लिए इनको चिड़ियाघरों में भी रखा जाने लगा लेकिन बाघ वहां पर और सहज महसूस करते हैं। 

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हमारे पर्यावरण में बाघ का महत्व। Importance of tiger in environment 

बाघ संस्कृति के साथ-साथ हमारे पर्यावरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फूड चेन में सबसे शीर्ष पर होता है। यह जंगल में जानवरों की आबादी को नियंत्रित करता है। क्या छोटे जानवरों का शिकार करता है जिसके कारण जंगल में शाकाहारी जानवर और वनों में संतुलन बना रहता है। ऐसा माना जाता है कि अगर बाग विलुप्त हो गए तो पृथ्वी का संतुलन बिगड़ जाएगा। शाकाहारी जानवर ज्यादा हो जाएंगे और वनों का अभाव हो जाएगा। यदि मनुष्य एक अच्छा जीवन जीना चाहता है तो उसके लिए पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलित होना अनिवार्य है और बाघ ही एक ऐसा प्राणी है जो पूरी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रख सकता है इसलिए इसको बढ़ाने की और अत्यंत आवश्यकता है।

निष्कर्ष

इस लेख में हमने बाघ पर निबंध | Essay on Tiger के बारे में ढेर सारी बातें बताएं वह बताया कि बाग हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है, और ढेर सारी बाकी विशेषताएं बताई है जिसको पढ़कर आप बाग के बारे में अच्छे से जान सकते हैं अगर यह जानकारी आपको बाग के बारे में जानने में मददगार हो तो अपने दोस्तों को भी शेयर करें ।

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