लाला लाजपत राय की सम्पूर्ण जीवनी | Lala Lajpat Rai Biography in Hindi, Jivani, Education Family, Books

Lala Lajpat Rai

Lala Lajpat Rai Biography in Hindi: लाला लाजपत राय एक स्वतंत्रता सेनानी और मशहूर राजनेता थे भारत को अंग्रेजों से आजादी दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही थी I जैसा की आप लोगों को मालूम है कि 17 नवंबर को को लाला लाजपत राय की पुण्यतिथि देश भर में मनाया जाएगा इस दिन उन्हें राजनेता उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और देश के प्रमुख नेताओं के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी I ऐसे में लोगों के मन में उनके जीवन के सभी पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता बहुत तेजी के साथ बढ़ रही होगी कि Lala Lajpat Rai Biography लाला लाजपत राय पुण्यतिथि कब हैं ?लाला लाजपत राय की शिक्षा ( Lala Lajpat Rai Education) लाला लाजपत राय का परिवार .

लाला लाजपत राय के राजनीतिक विचार, लाला लाजपत राय जयंती, लाला लाजपत राय राजनितिक सफर लाला लाजपत राय के योगदान लाला लाजपत राय की उपलब्धियां, Lala Lajpat Rai Book लाला लाजपत राय का नारा (Lala Lajpat Rai  Slogan) लाला लाजपत राय की मृत्यु कब हुई ? (Lala Lajpat Rai Death) अगर आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो हम आपसे निवेदन करेंगे कि हमारे साथ आर्टिकल पर आखिर तक बने रहें-

Lala Lajpat Rai Biography in Hindi

पूरा नामलाला लाजपत राय
जन्म तारीख28 जनवरी 1865
जन्मतिथिजगराओं, पंजाब, ब्रिटिश भारत
शैक्षणिक योग्यताहायर सेकेंडरी
मृत्यु17 नवंबर 1928 (63 वर्ष की आयु में)
धर्मधर्म
राजनीतिक गुरुज्यूसेपे मेत्सिनी (Giuseppe Mazzini)
उपनामपंजाब केसरी
राजनीतिक विचारधाराराष्ट्रवाद और उदारवाद
सदस्यभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आर्य समाज

लाला लाजपत राय पुण्यतिथि कब मनाई जाती है?  Lala Lajpat Rai Jayanti 2023

लाला लाजपत राय पुण्यतिथि 17 नवंबर 2023 को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगा I इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे I इसके अलावा देश के गणमान्य राजनेता और राष्ट्रपति प्रधानमंत्री उपराष्ट्रपति लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे इसके अलावा आमजन को लाला लाजपत राय के जीवन के सभी प्रमुख पहलुओं के बारे में लोगों को बताया जाएगा  ताकि लोगों को भी मालूम चल सके कि लाला लाजपत राय की भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्या भूमिका रही और उन्होंने किस प्रकार देश के आजादी के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए I

लाला लाजपत राय की शिक्षा | Lala Lajpat Rai Education

लाला लाजपत राय की प्रारम्भिक शिक्षा सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से हुई थी। वे बचपन से पढ़ाई में काफी मेधावी थे उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सन 1880 में कानून(Law)  की पढ़ाई के करने के लिए लाहौर के सरकारी कॉलेज में एडमिशन ले लिया और वहीं से उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरा किया I

लाला लाजपत राय का परिवार | Lala Lajpat Rai Family

पिता का नाममुंशी राधा कृष्ण अग्रवाल
माता का नामगुलाब देवी अग्रवाल
भाई का नामलाला धनपत राय
पत्नी का नामराधा देवी अग्रवाल
बच्चों का नामअमृत राय अग्रवाल, प्यारेलाल अग्रवाल और एक बेटी पार्वती अग्रवाल

लाला लाजपत राय के राजनितिक विचार | Lala Lajpat Rai Political Thoughts

लाला लाजपत राय गर्म राष्ट्रवादी विचारों के समर्थक और प्रतीक बने रहे. वह स्वदेशी के पक्ष में थे और सभी आयातित वस्तुओं के बहिष्कार के समर्थक थे। इसीलिए उन्होंने कई आंदोलन किए थे है जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था इसलिए हम कह सकते हैं कि लाला लाजपत राय का Political Thughts गर्म और राष्ट्रवादी था उनके अंदर देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी उनका एक ही लक्ष्य   भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाना था I

See also  लाल बहादुर शास्त्री का जीवन परिचय | Lal Bahadur Shastri Biography in Hindi (शिक्षा, उपलब्धियां, मृत्यु, जीवन का संदेश व प्रधान मंत्री पद की भूमिका)

लाला लाजपत राय राजनितिक सफर | Lala Lajpat Rai Political Journey

लाला लाजपत राय का बचपन का सपना था, कि वह अपने देश के लिए काम करें और उन्होंने अपने देश अंग्रेजों से मुक्त करवाए इसलिए 1886 में लाला लाजपत राय जी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर हिसार जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक शाखा की स्थापना की 1888 और 1889 में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए अपने चार सहयोगियों के साथ हिसार से उन्होंने इलाहाबाद की यात्रा की और बैठक में सम्मिलित हुए I  1892 में, लाला जी फिर लाहौर उच्च न्यायालय के समक्ष वकालत करने के लिए लाहौर आए. उन्होंने अपनी बात लोगों तक पहुंचने के लिए अखबार में उन्होंने आर्टिकल लिखना शुरू किया. उन्होंने द ट्रिब्यून समेत कई अखबारों में लेख लिखे।

1914 में उन्होंने अपनी वकालत छोड़ दी और देश को ब्रिटिश सरकार से मुक्त करवाने के लिए देश के प्रति अपने आप को समर्पित किया 1914 में वह ब्रिटेन चले गए I 1917 में उन्होंने अमेरिका में रहते हुए कई दूसरे देशों से भारत को आजाद करवाने के लिए समर्थन हासिल करने का अपना अभियान शुरू किया इसके लिए उन्होंने  न्यूयॉर्क में इंडियन होम रूल लीग, एक मासिक पत्रिका यंग इंडिया और हिंदुस्तान सूचना सेवा संघ की स्थापना की।1919 में, लाला लाजपत राय भारत वापस आए और कांग्रेस के विशेष सत्र का हिस्सा बने, जिसमें असहयोग आंदोलन शुरू करने की बात कही गई।

लाला लाजपत राय की राजनितिक उपलब्धियाँ

Lala Lajpat Rai Biography in Hindi:- 1920 में जब कोलकाता में राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ तो उन्हें पार्टी का अध्यक्ष चुना गया जलियांवाला हत्याकांड के बाद उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ पंजाब में विद्रोह प्रदर्शन का नेतृत्व किया 1920 में जब गांधी जी ने अशोक आंदोलन की शुरुआत की उन्होंने आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया उसके लिए उन्हें गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया 1921 से लेकर 1923 के बीच लाला लाजपतराय जेल में बंद थे जब चोरी चोरी हत्याकांड हुआ तो गांधी जी ने अपना असहयोग आंदोलन वापस लिया उन्होंने गांधी जी के इस फैसले का विरोध किया था 1927 में ब्रिटिश सरकार के द्वारा भारत सरकार अधिनियम 1919 द्वारा भारतीय संविधान के कामकाज पर रिपोर्ट करने के लिए साइमन कमीशन का स्थापना की गई थी

जिसमें कुल मिलाकर 7 सदस्य इसमें कोई भी भारतीय प्रतिनिधि को सम्मिलित नहीं किया गया था ऐसे में लाला लाजपत राय ने साइमन कमीशन का विरोध किया था30 अक्टूबर, 1928 को जब आयोग भारत आया, लाला राजपत राय ने गो बैक साइमन कमीशन का नारा लगाया और उनका यह आंदोलन शांतिपूर्ण था ,लेकिन पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक, जेम्स ए. स्कॉट ने लाठीचार्ज का आदेश दे दिया. जिससे लाला लाजपत राय बहुत घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने लोगों को संबोधित किया और कहा: “मैं घोषणा करता हूं कि आज मुझ पर हमला भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत में आखिरी कील होगा.”

See also  आनंद महिंद्रा का सम्पूर्ण जीवन परिचय | Anand Mahindra Biography in Hindi, Age, Family, Daughter, Business, Net Worth

लाला लाजपत राय के योगदान | Lala Lajpat Rai Contribution

  • स्वामी दयानंद सरस्वती ने ‘आर्य समाज’ की स्थापना की | इसका प्रमुख काम समाज में सुधार करना था 16 वर्ष की उम्र में लाला लाजपत राय आर्य समाज ( Arya Samaj)  के सदस्य बन गए थे  I
  • सन् 1882 में हिन्दी और उर्दू किसे राष्ट्रीय भाषा का दर्जा जया सके इस विषय पर बहस हुआ था उस बहस में लाला लाजपत राय ने भी भाग लिया था
  • . सन् 1886 में कानून की उपाधि परीक्षा देकर दक्षिण पंजाब के हिस्सार में उन्होंने अपनी वकालत को शुरू किया I
  •  सन् 1886 में लाहौर को आर्य समाज की तरफ से दयानंद अँग्लो-वैदिक कॉलेज का प्रचार किया उसके बाद कॉलेज की स्थापना की गई और लाला लाजपत राय को उसका सचिव बनाया गया
  •  आर्य समाज के अनुयायी बनकर वे समाज के अनाथ बच्चे, विधवा, व् भूकंपग्रस्त पीड़ित लोगों और अकाल से पीड़ित लोगो की सहायता की थी.
  • सन् 1904 में ‘द पंजाब’ नाम का अंग्रेजी अखबार उन्होंने शुरु किया.
  • सन् 1905 में काँग्रेस की और भारत की बात रखने के लिये लालाजी को इंग्लैंड भेजा गया
  • सन् 1907 में सरकार का कहना था की लाला लाजपत रॉय किसानो को भडकाते है, सरकार के विरोधीयों को भड़काते है ये लगाया गया और सरकार ने उन्हें मंडाले के जेल में रखा 6 महीने बाद जेल से रिहा हुए और वह अमेरिका चले गए
  • भारतीयों में स्वतंत्रता की भावना जगाने के लिए उन्होंने होम रूल लीग की स्थापना की I
  • सन् 1920 में वो अपने देश भारत लौटे| 1920 में कोलकाता में हुये कॉग्रेस के खास अधिवेशन के लिये उन्हें अध्यक्ष रूप में उन्हें चुना गया और गांधी जी के द्वारा चलाया गया असहयोग आंदोलन में उन्होंने भाग लिया जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था I
  • लालाजी ने ‘पीपल्स सोसायटी’ (लोग सेवक संघ) नाम की समाज सेवक संस्था शुरू की.
  • . सन् 1925 में कोलकाता में ‘हिंदु महासभा’ के आन्दोलन के अध्यक्ष स्थान को लालाजी ने देखा.
  • 12. सन् 1925 में ‘वंदे मातरम’ नाम के उर्दू दैनिक संपादक बने I
  • . सन् 1926 में अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संमेलन हुआ| भारत के श्रमिको के प्रतिनिधी बनकर लालाजी ने उसमे हिस्सा हिस्सा लिया और मजदूरों के पक्ष में अपने विचार रखें I
  • 14. सन् 1927 में भारत ब्रिटिश सरकार ने साइमन कमीशन की नियुक्ती का उन्होंने विरोध किया I
  • 15. सन् 1928 में 30 अक्टूबर को साइमन कमीशन पंजाब गया| लोगों ने लाला लाजपत रॉय के नेतृत्व में बहुत बड़ा मोर्चा निकाला| पुलिस द्वारा किये गए निर्दयी लाठीचार्ज में उनकी मौत हो गई I

लाला लाजपत राय की उपलब्धियां | Lala Lajpat Rai Achievement

लाला लाजपतराय बहुत ही छोटी उम्र में स्वतंत्र आंदोलन से जुड़ गए उन्होंने 23 साल की उम्र में 1888 में प्रयाग के कांग्रेस सम्मेलन में भाग लिया 1906 में उन्हें राजनीतिक गतिविधियों के कारण 6 महीने के लिए निर्वासित कर दिया गया I  प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने भारत के स्वतंत्रता के पक्ष में अमेरिकन जनता का समर्थन लेने के लिए अमेरिका चले गए लाला लाजपत राय ब्रिटिश सरकार के महान आलोचकों में से एक थे 1907 को उन्हें बर्मा भेज दिया गया वापस आने पर गांधी जी के द्वारा शुरू किया गया असहयोग आंदोलन में उन्होंने हिस्सा लिया और इसके लिए उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा I  कांग्रेस द्वारा साइमन कमीशन का बहिष्कार करने का फैसला किया गया।

See also  करण सांगवान जीवन परिचय | Karan Sangwan (Unacademy) Biography in Hindi (Education, Salary, Family, Youtube Chanel | Unacademy से निकालने की पूरी कहानी

जब वह लाहौर ने प्रदर्शन कर रहे थे। तब उन पर कई बार उनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें लगी और 3 सप्ताह बाद उनकी मृत्यु हो गई उनकी मृत्यु के बाद देश में शोक की लहर हो गई और लोगों में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ काफी आक्रोश था। उनकी मृत्यु स्वतंत्रता आंदोलन के लिए बहुत ही बड़ा आघात था। उनके साहस के लिए उनको आज भी याद किया जाता है I

लाला लाजपत राय की किताबें | Lala Lajpat Rai Books

  • यंग इंडिया (1916) (Young India)
  • दुखी भारत (1928) (Unhappy India)
  • भारत पर इंग्लैंड का कर्ज (1917) (England Debt to India)
  • आर्य समाज (1915) (Arya Samaj)
  • भारत का राजनीतिक भविष्य (1919) (The Political Future of India)
  • सही माननीय डेविड लॉयड जॉर्ज को एक खुला पत्र (1917) (An Open letter to the Right Honorable David Lloyd George)
  • भारत की राष्ट्रीय शिक्षा की समस्या (1920) (The Problem of National Education of India)
  • भगवद गीता का संदेश (1908) (The Message of the Bhagavad Gita)
  • संयुक्त राज्य अमेरिका: एक हिंदू प्रभाव (1916) (The United States of America: A Hindu Impression ( 1916 )
  • उन्होंने मैजिनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी और श्रीकृष्ण की जीवनी भी लिखी।

लाला लाजपत राय का नारा Lala Lajpat Rai Slogan

साइमन कमीशन वापस जाओ”

“मेरे सिर पर लाठी का एक-एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा”

लाला लाजपत राय मृत्यु | Lala Lajpat Rai Death

फरमान कमीशन के विरोध में लाहौर में 30 अक्टूबर 1928 को एक बहुत बड़ी रैली लाजपत राय के नेतृत्व में आयोजित की गई थी और सभी लोग वहां पर गोबैक साइमन कमीशन के नारे लगा रहे थे उसी समय अंग्रेजों ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज किया और उस लाठीचार्ज में लाला लाजपत राय को गंभीर चोट लगी और उन्हें तत्काल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया जहां पर 17 नवंबर नवंबर 1928 को उनकी मौत हो गई I

लाहौर में 30 अक्टूबर 1928 को एक बड़ी घटना घटी जब लाला लाजपतराय के नेतृत्व में साइमन का विरोध कर रहे युवाओं को बेरहमी से पीटा गया। पुलिस ने लाला लाजपतराय की छाती पर निर्ममता से लाठियां बरसाईं। वे बुरी तरह घायल हो गए और इस कारण 17 नवंबर 1928 को उनकी मौत हो गई।

FAQ’s Lala Lajpat Rai Biography in Hindi

Q. लाला लाजपत राय का जन्म कब और कहां हुआ था?

Ans.लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को जगराओं, पंजाब, ब्रिटिश भारत में हुआ था।

Q. लाला लाजपत राय की मृत्यु कैसे हुई थी?

लाला लाजपत राय की मृत्यु 17 नवंबर 1928 को साइमन कमीशन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के दौरान लाठीचार्ज के कारण गंभीर रूप से घायल होने के कारण हुई थी।

Q. लाला लाजपत राय के राजनीतिक गुरु कौन थे?

लाला लाजपत राय के राजनीतिक गुरु इटैलियन क्रांतिकारी Giuseppe Mazzini थे।

Q लाला लाजपत राय के माता-पिता का क्या नाम था?

लाला लाजपत राय के पिता का नाम मुंशी राधा कृष्ण अग्रवाल और माता का नाम गुलाब देवी अग्रवाल था।

Q. लाला लाजपत राय ने कौन सा नारा दिया था?

Ans. साइमन कमीशन वापस जाओ (लाल लाजपत राय)

मेरे सिर पर लाठी का एक-एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा (लाला लाजपत राय)

Q. लाला लाजपत राय का उपनाम क्या है?

Ans .लाला लाजपत राय का उपनाम पंजाब केसरी है I

Q. लाला लाजपत राय कांग्रेस के अध्यक्ष कब बने थे?

1920 के कलकत्ता अधिवेशन में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था।

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easyhindi.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Optimized with PageSpeed Ninja