पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध | Pandit Jawaharlal Nehru Essay in Hindi

By | नवम्बर 9, 2022

Pandit Jawaharlal Nehru Essay in Hindi:- जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे और भारत की स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अतुल्य रहा है I भारतीय राजनीति में जवाहरलाल नेहरू का कद काफी ऊंचा था इसकी वजह थी कि जब देश 1947 में आजाद हुआ तो वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने इसके अलावा सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री के पद पर कार्य करने का रिकॉर्ड उनके नाम पर दर्ज है उन्होंने 17 साल प्रधानमंत्री के पद पर काम किया और देश के विकास में उनका योगदान स्मरणीय रहा है जिसको भूल पाना किसी भी भारतीय के लिए संभव नहीं है ऐसे में अगर आप पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध लिखना चाहते हैं

लेकिन आपको समझ में नहीं आ रहा है कि आप इन के ऊपर एक अच्छा निबंध कैसे ले सकते हैं तो हम आपसे निवेदन करेंगे कि हमारे साथ इस पोस्ट पर आखिर तक बने रहे चलिए शुरू करते हैं-

पंडित जवाहर लाल नेहरू की जीवनी

Pandit Jawaharlal Nehru Essay in Hindi

आर्टिकल का प्रकारनिबंध
आर्टिकल का नामपंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध
साल2022
जन्म कब हुआ था14 नवंबर 1889
पिता का नाममोतीलाल नेहरू
मृत्यु15 अप्रैल 1964

जवाहरलाल नेहरू पर निबंध हिंदी में 

नेहरू भारतीय राजनीति के महापुरुष मान जाते हैं क्योंकि उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ और अपनी चतुराई से देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम किया क्योंकि जब देश 1947 में आजाद हुआ तो उस समय हमारे देश के सामने कई विकट समस्या थी और उन समस्याओं का हल उन्होंने काफी शांति के लिए और काफी चतुराई के साथ निकाला जिसका परिणाम यह हुआ कि भारत तेजी के साथ विकास के पथ पर अग्रसर हो पाया ऐसे महान पुरुष का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था के पिता का नाम मोतीलाल नेहरू था जो राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे और साथ में एक मशहूर बलिस्टर भी थे उनकी माता का नाम स्वरूप रानी थी उनकी मां एक कश्मीरी ब्राह्मण थी और पहले कश्मीर में ही रहा करते थे लेकिन उन्होंने कश्मीर छोड़कर दिल्ली आने का फैसला किया I

हिंदी में उनका घर एक नहर के सामने था जिसके कारण इनके परिवार को नेहरू परिवार के नाम से जाने जाने लगा I आर्थिक संकट दिल्ली में होने के कारण उनका परिवार दिल्ली छोड़कर इलाहाबाद आकर बस गया और यहीं पर उनका जन्म हुआ जहां पर इनका जन्म हुआ था उसे हम लोग आनंद भवन के नाम से जानते हैं पंडित जवाहरलाल नेहरू का बचपन काफी आराम और शान शौकत में व्यतीत हुआ क्योंकि उस समय उनके पिता एक मशहूर बरिस्टर बन बन चुके थे नेहरू जी ने अपने प्रारंभिक शिक्षा घर से पूरे किए क्योंकि उनके घर में शिक्षक उन को पढ़ाने के लिए आया करते थे

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Pandit Jawahar Lal Nehru Par Nibandh

प्रारंभिक शिक्षा को पूर्ण करने के बाद जवाहरलाल को आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए इंग्लैंड के पब्लिक स्कुल हैरो में प्रवेष करवाया. 1912 में शिक्षा पूर्ण कर नेहरु भारत आ गए और यहां पर वकालत करने लगे लेकिन उन्होंने भारत आकार यहां के लोगों की स्थिति देखी जिसके कारण कमान काफी बेचैन हो गया और उन्होंने जीवन में प्रण लिया कि वह अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर देंगे और उसके बाद उनको गांधीजी के संपर्क में है और उनसे जुड़ कर उन्होंने भारतीय राजनीतिक में प्रवेश किया साल 1916 को जवाहरलाल की शादी कमला से की गई. जो निरक्षर थी. पर बुद्धिमान थी. कमला और जवाहरलाल ने 1917 में एक बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम इंदिरा रखा. जो भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी.

Pandit Jawaharlal Nehru Essay in Hindi

गांधी जी के द्वारा संचालित असहयोग आंदोलन सम्मिलित हुए जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा. 1928 में जब साइमन कमीशन भारत आया तो उसका विरोध भी किया जिसमे नेहरु शामिल थे. पर इसके विरोध में उनके साथी लाला लाजपतराय की मृत्यु हो गई. जिसके कारण नेहरू जी के मन सरकार के खिलाफ आक्रोश उत्पन्न हुआ और उसके खिलाफ कई और आंदोलन में भारत में गांधी जी के द्वारा संचालित किए हैं जिनमें से था असहयोग आंदोलन उसमें नेहरु जी ने सम्मिलित होकर गांधी जी का साथ दिया और जिसका परिणाम हुआ कि 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ और वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने उन्होंने अपने जीवन काल में देश के विकास के लिए काम किया और 1964 में उनकी मृत्यु हो गई

Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi

जन्म -birthday

 नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था उनके पिता का नाम मोतीलाल नेहरू जो एक मशहूर बैरिस्टर थे उनकी माता का नाम स्वरूपा रानी था उनका बचपन काफी शान शौकत में व्यतीत हुआ था

शिक्षा education

जवाहर लाल नेहरू ने अब तक अपने घर में हिंदी अंग्रेजी और संस्कृत भाषा का अध्ययन किया उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अक्टूबर 1907 में नेहरू ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज गए और वहां से 1910 में प्राकृतिक विज्ञान में डिग्री प्राप्त की। इस अवधि के दौरान उन्होंने राजनीति, अर्थशास्त्र, इतिहास तथा साहित्य का भी अध्ययन किया। 1910 अपनी डिग्री की पढ़ाई पूरी की इसके बाद नेहरू कानून की पढ़ाई के लिए लंदन चले गए और ‘इनर टेम्पल इन’ से वकालत किया। 1912 में नेहरू शिक्षा प्राप्त कर भारत वापस आ गए।

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पंडित जवाहरलाल का परिवार

पिता का नाममोतीलाल नेहरू
माता का नामस्वरूपरानी नेहरु
पत्नी का नामकमला नेहरू
बहन का नामविजयलक्ष्मी पंडित, कृष्णा हतीसिंह
बच्चेबेटी इंदिरा गांधी

प्रधानमंत्री पद पर कार्यकाल

प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू ने देश के विकास के लिए निरंतर प्रयास और परेशान किया जिसका पति फलिया हुआ कि देश तेजी के साथ उन्नति के पथ पर अग्रसर हो पाया क्योंकि जब हमारा देश 1947 में आजाद हुआ तो  तो भारत के सामने कई प्रकार की समस्याएं थी कृषि के क्षेत्र में हमारी दिक्कत  थी हमें अनाज बाढ़ से खरीदना पता था ऐसे में जवाहरलाल नेहरू ने हरित क्रांति के माध्यम से देश में पैदावार को बढ़ाया जा सके उसके लिए उन्होंने कई प्रकार के कृषि संबंधित योजना का शुभारंभ किया

इसके अलावा देश में पंचवर्षीय योजना लाने का पूरा काम जवाहरलाल नेहरू के माध्यम से किया गया इन्हें पंचवर्षीय योजना के माध्यम से आज देश हमारा एक विकसित राष्ट्र के रूप में तब्दील होने के लिए तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है और आने वाले दिनों में भारत दुनिया का एक विकसित देश बन जाएगा ना कि विकासशील देश आज के वक्त में भारत दुनिया का विकासशील देश है लेकिन वह दिन दूर नहीं है जब भारत वर्ल्ड का एक महाशक्ति बन जाएगा I

राजनितिक सफर Political Career

जवाहर नेहरू ने जब कानून की पढ़ाई पूरी करकर बैरिस्टर बन गए वापस आए और उन्होंने वकालत शुरू की I इसके बाद वर्ष 1919 में महात्मा गांधी के संपर्क में आने के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राजनीतिक में कदम रखा। उस समय महात्मा गांधी ने रॉलेट अधिनियम के खिलाफ एक अभियान शुरू किया था। जवाहर लाल नेहरु, महात्मा गांधी के सक्रिय लेकिन शांतिपूर्ण, सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रति खासे प्रभावित हुए उनके पिता राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे ऐसे में गांधी जी के साथ उनका बहुत ज्यादा मेल मिलाप बड़ा और गांधीजी को उन्होंने अपना राइटिंग ग्रुप बना लिया और यहीं से उन्होंने राजनीतिक कैरियर की शुरूआत किया

1922 में गांधी जी के द्वारा चलाया गया अशोक आंदोलन में जवाहरलाल नेहरू ने काफी सक्रिय रूप से भाग लिया और इस आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा और जेल से छूट के आने के बाद उन्हें दोबारा दूसरे आंदोलन में सम्मिलित होकर गांधी जी का साथ दिया गांधीजी ने जवाहरलाल नेहरू में भारत का नेतृत्व करने कन्या वाले राजनेता की छवि देखी और उन्होंने उसी समय निश्चित कर लिया कि जब देश आजाद होगा उन्हें देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया जाएगा ताकि देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सके

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 उन्होंने वर्ष 1924 में इलाहबाद नगर-निगम के अध्यक्ष के रूप में दो वर्षो तक शहर की सेवा की, और वर्ष 1926 में कुछ कारणों से नगर निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद वे वर्ष 1926 से 1928 तक ‘अखिल भारतीय कांग्रेस’ के महासचिव के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने इटली, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड, बेल्जियम, जर्मनी एवं रूस का दौरा किया इसके अलावा जब देश 1947 में आजाद हुआ तो उन्हें देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया और वह देश के प्रधानमंत्री के पद पर 17 सालों तक काम किया और 1964 में उनकी मृत्यु हो गई

 जवाहरलाल नेहरू के नारे

पंडित जवाहरलाल नेहरु के द्वारा निम्नलिखित प्रकार के नारे दिए गए थे उन सब का विवरण हम आपको नीचे बिंदु अनुसार देंगे आइए जानते हैं-

पूर्ण स्वराज की मांग

जवाहरलाल नेहरू ने पूर्ण स्वराज का नारा दिया था इस नारे को उन्होंने तब घोषित किया जब देश इस प्रकार से आजाद होने की चिंगारी का बिगुल फूंक चुका था I 1929 में जब कांग्रेस पार्टी का वार्षिक सम्मेलन हो रहा था तो उसमें ज्वाला नेहरू को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया और तभी ज्वाला नेहरू ने कहा कि पूर्ण स्वराज हमें लेना ह

आराम हराम है

आराम हराम है का नारा पंडित जवाहर लाल नेहरु ने स्वतंत्रता के संग्राम के दौरान दिया था। इस नारे के माध्यम से वाद देशवासियों को बताना चाहते थे कि अगर उन्हें देश को आजाद करवाना है तो उन्हें आराम छोड़ कर काम करना होगा तभी जाकर हमारा देश आजाद हो पाएगा इस नारे ने देश में एक क्रांतिकारी चिंगारी फूटने का काम किया और जिसका परिणाम यह हुआ कि देश के सभी लोगों में एकजुटता और सभी ने अंग्रेजो के खिलाफ विरोध करने का प्रण लिया I

हू लिव्स इफ इंडिया डाइज –

हु लीव्स इफ इंडिया डाइज पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा दिया गया नारा हैं जिसका हिंदी में अर्थ हैं कौन रहता है अगर भारत मर जाता है।

 जवाहरलाल नेहरू की शिक्षा  education of Jawaharlal Nehru

13 वर्षों तक जवाहरलाल नेहरू अपने घर में ही शिक्षा ग्रहण करते रहे उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए 15 साल की उम्र में वे हैरो स्कूल में इंग्लैंड चले गए। दो साल के बाद, वह कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज गए और प्राकृतिक विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री हासिल की। लंदन के इनर टेम्पल में उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी की थी।

FAQ’s Pandit Jawaharlal Nehru Essay in Hindi

Q: जवाहरलाल नेहरू को बच्चे प्यार से क्या कहते थे?

Ans: जवाहरलाल नेहरू को बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कहा करते थे I

Q: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?

Ans: भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे

Q: पंडित जवाहरलाल नेहरू के पिता का क्या नाम था?

Ans: मोतीलाल नेहरू

Q: पंडित जवाहर नेहरू के राजनीतिक गुरु कौन थे?

Ans: महात्मा गांधी

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