विजय दिवस 2022 | 16 दिसम्बर विजय दिवस क्यों मनाया जाता है?

By | दिसम्बर 15, 2022
Vijay Diwas 16 December

Vijay Diwas 16 December :- भारत में 16 दिसंबर विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है I जैसा कि आप जानते हैं कि 1971 में भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ था और इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था I इस युद्ध में भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान के 93000 सेना ने आत्मसमर्पण किया था I सबसे महत्वपूर्ण बातें कि भारत ने 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे I जिसके कारण ही बांग्लादेश नाम का एक नया देश बना था I इसलिए  भारत में 16 दिसंबर प्रत्येक साल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है I इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और साथ में भारतीय सेना ने 1971 में पाकिस्तानी सेना का क्या हाल किया था उसके बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है I इसलिए प्रत्येक भारतीयों को यह दिन जरूर याद रखना चाहिए I

अब आपके मन मे सवाल आएगा कि विजय दिवस कब मनाया जाएगा?  विजय दिवस क्यों मनाया जाता है? विजय दिवस भारत में कब मनाया जाएगा? अगर आप पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं हमारे साथ आर्टिकल पर आखिर तक बने रहे हैं चलिए शुरू करते हैं

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Vijay Diwas 16 December

विजय दिवस भारत में 16 दिसंबर को मनाया जाता है? इस दिन विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और साथ में भारत के उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है जो 1971 के युद्ध में देश के लिए शहीद हो गए I

16 दिसम्बर विजय दिवस 2022

16 दिसंबर का दिन भारतीय इतिहास में काफी महत्वपूर्ण दिन है इस दिन 1971 में भारत ने पाकिस्तानी सेना आवाहन किया था जिस शायद ही आज तक इतिहास में किसी देश ने किसी दूसरे देश के सेना का किया है इस दिन भारतीय सेना के सामने पाकिस्तान के 93000 सेनाओं ने आत्मसमर्पण किया था I जिसके बाद युद्धविराम की घोषणा की गई I इस युद्ध के माध्यम से भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए और बांग्लादेश जो पहले पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था I उसका नाम बांग्लादेश पड़ा और इस प्रकार विश्व के नक्शे पर एक नए देश का उदय हुआ I हम कह सकते हैं कि अगर आज बांग्लादेश का अस्तित्वतो पीछे भारत का सबसे बड़ा योगदान है I

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विजय दिवस क्यों मनाया जाता है?

विजय दिवस भारत का पाकिस्तान पर जीत हासिल करने उपलक्ष प्रत्येक साल 16 दिसंबर को मनाया जाता है जैसा कि आप लोगों को मालूम होगा कि 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध हुआ था I इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था I पूरे विश्व के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी देश की सेना ने किसी दूसरे देश के सेना के सामने आत्मसमर्पण किया I दरअसल 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के 93000 सेना ने भारत के सामने आत्मसमर्पण किया  I उसके बाद ही 1971 के युद्ध का युद्ध विराम घोषित किया गया I सबसे पहले हम आपको बता दें कि 1971 का युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच में क्यों हुआ था? 

बता दे पाकिस्तान पहले दो भागों में विभाजित था पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान I   1970 में पाकिस्तान में आम चुनाव है और इस चुनाव में पूर्वी पाकिस्तान के नेता शेख मुजिबुर रहमान को भारी बहुमत हासिल हुआ और उन्हें सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उस समय जुल्फिकार भुट्टो ने इस बात का विरोध किया और उन्होंने सेना का इस्तेमाल कर शेख मुजीबुर रहमान को गिरफ्तार कर लिया है I जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान में हालात काफी बुरे हो गए और लोग वहां से भागने लगे I 10 लाख लोगों को भारत में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा शरण दिया गया I जिसके कारण पाकिस्तान ने भारत के ऊपर हमला कर दिया और यहीं से 1971 युद्ध का शुभारंभ हुआ I

विजय दिवस भारत में कहाँ मनाया जाता है?

विजय दिवस भारत उत्साह पूर्वक मनाया जाता है इस दिन भारत के अमर ज्योति स्मारक पर जाकर उन सभी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने 1971 में देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया उन्हीं के कारण भारत को 1971 में जबरदस्त जीत हासिल हुई I इसके अलावा इस दिन भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्रपति रक्षा मंत्री और सेना के प्रमुख अधिकारियों के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं जिसमें भारत ने किस प्रकार 1971 में अपनी वीरता का परिचय देते हुए पाकिस्तान को हराया था

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विजय दिवस पर एक नजर

विजय दिवस भारत में 16 दिसंबर को मनाया जाता है भारतीय इतिहास 16 दिसंबर का दिन काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन भारतीय सेना ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय सेना कितनी सशक्त और मजबूत है क्योंकि इस युद्ध में पाकिस्तान को भारत ने बुरी तरह से हराया था जिसके फलस्वरूप भारतीय सेना का पूरे विश्व भर में डंका बज गया था इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ भारी संख्या में किस देश की सेना ने दूसरे देश के सामने आत्मसमर्पण किया

16 दिसंबर 1971 में भारतीय जनरल मानेकशॉ पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल अब्बास नियाजी को 16 दिसम्बर की प्रातः 9 बजे तक अपनी फौजों के साथ आत्मसमर्पण करने का आदेश भेजा। जनरल नियाजी ने आत्मसमर्पण का प्रस्ताव मालिया उसके बाद भारतीय सैनिक अधिकारी पाकिस्तानी हेड क्वार्टर पहुंचे जहां पर लेफ्ट जनरल नियाजी बकर में छुपे थे 11:05 में नियाजी बाहर निकले और मेजर जनरल नागरा से गले मिले  इसके बाद 36वें पाक डिवीजन के जी.ओ.सी. मेजर जनरल जमशेद ने अपने नीचे काम करने वाले सैनिकों के साथ पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया।

Vijay Diwas 16 December

1:00 बजे लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल जैकब आत्मसमर्पण का मसौदा लेकर हेलीकॉप्टर से ढाका पहुंचे। ढाका के रेसकोर्स मे 4:31 बजे जनरल नियाजी ने 93,000 सैनिकों सहित आत्मसमर्पण के डॉक्यूमेंट पर हस्ताक्षर किये। जिसके बाद बांग्लादेश नाम का एक नया देश बना और उस देश में खुशी की लहर चारों तरफ था गई और सभी लोगों ने चैन की सांस ली किस प्रकार हम कह सकते हैं कि विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम को दर्शाता है कि हमारी सेना दुनिया की सबसे सबसे चुनाव में से एक है और वह किसी भी परिस्थिति में दुश्मन देश को हराने में सक्षम है इसका सबसे बड़ा सबूत है 1971 का भारत और पाक का युद्ध I इसलिए हम सबको अपनी सेना पर गर्व होना चाहिए I

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FAQ’s Vijay Diwas 16 December

Q. 16 दिसंबर को विजय दिवस क्यों मनाया जाता है?

Ans. 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है इसके पीछे की वजह है कि 1971 में भारत ने पाकिस्तान को  16 दिसंबर 1971 में बुरी तरह हराया था था इसलिए भारत में 16 दिसंबर विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है I

Q. विजय दिवस कब मनाया जाता है?

Ans. विजय दिवस 16 दिसंबर को मनाया जाता है I

Q. भारत में विजय दिवस कैसे मनाया जाता है?

Ans भारत में विजय दिवस उत्साह पूर्वक मनाया जाता है इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें भारतीय सेना के पराक्रम के बारे में लोगों को बताया जाता है इसके अलावा उन वीर जवानों को भी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है जिन्होंने 1971 में भारत और पाक के युद्ध में अपनी जान गवा कर अपने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिए दिया I

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