Mewar Parv 2023 | मेवाड़ पर्व कब व कैसे मनाया जाता है?

By | जनवरी 5, 2023
Mewar Parv

Mewar Parv 2023 :- मेवाड़ महोत्सव (Mewar Mahotsav) शिव और देवी पार्वती (Lord Shiva and Goddesses Parvati) को समर्पित है और राजस्थान के उदयपुर (Rajasthan’s Udaipur) में मनाया जाता है। यह वसंत ऋतु, फसल के आगमन और शिव और पार्वती के विवाह (Shiv Parvati Vivah) का भी उत्सव है। मेवाड़ महोत्सव 2023 की तारीख 24 मार्च है। यह चैत्र माह (मार्च-अप्रैल) में शुक्ल पक्ष के तीसरे दिन या चंद्रमा के शुक्ल चरण के तीसरे दिन मनाया जाता है। विवाहित और अविवाहित युवतियां इस समय व्रत का पालन करती हैं। विवाहित महिलाएं इसे परिवार के कल्याण के लिए करती हैं और अविवाहित महिलाएं अच्छे पति के लिए इसे करती हैं। गणगौर मेले (Gangaur Mela) इस अवधि के दौरान आयोजित किए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण दिन चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया पर गणगौर पूजा का दिन है। दिन का मुख्य आकर्षण देवी पार्वती की मूर्ति (Goddess Parvati idol) की शोभायात्रा है।

इस लेख के जरिए हम आपको बताएंगे मेवाड़ पर्व से जुड़ी जानकारियां देंगे जैसे कि मेवाड़ पर्व कब है, मेवाड़ त्यौहार 2023 के बारे में बताएंगे। मेवाड़ उत्सव (Mewar Parv) कब मनाया जाता है इसके बारे में भी आपको जानकारी देंगे। भारत में मेवाड़ उत्सव,मेवाड़ पर्व की विशेषता , मेवाड़ उत्सव के आकर्षण केंद्र इन सब बिंदुओं पर आप से चर्चा करेंगे।

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Mewar festival 2023

टाइटलमेवाड़ पर्व 2023
लेख टाइपआर्टिकल
साल 2023
मेवाड़ पर्व किनते दिन का पर्व है3
मेवाड़ पर्व 2023 कब शुरु होगा22 मार्च
मेवाड़ पर्व 2023 कब खत्म होगा24 मार्च
मेवाड़ पर्व पर किसकी पूजा की जाती हैभागवान शिव और माता पार्वती की
मेवाड़ पर्व कहां मनाया जाता हैउदयपुर के राजस्थान में
मेवाड़ पर्व का आकर्षण केंद्र क्या हैगणगौर जुलूस

मेवाड़ पर्व कब है? | Mewar Parv kab hai

“केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश” यह गीत हर किसी ने अपने जीवन में एक एक बार तो जरूर ही सुना होगा यह गीत राजस्थान की संस्कृति पर आधारित है। हम सभी इस गीत को सुनते हैं सबसे पहले जो खयाल हमें आता है वह है राजस्थान का। Rajasthan India के पश्चिम में बसा मेरे और उत्सव का राज्य है यहां पारंपरिक त्योहार आज भी बड़ी ही उत्साह के साथ बनाए जाते हैं। Rajasthan में मौजूद कई के लिए राजा महाराजाओं और उनके महलों की खूबसूरती को बयां करते हैं।

राजस्थान के सबसे सुंदर शहर में से एक है Mewar मेवाड़ जितना ही अपने इतिहास के लिए प्रसिद्ध है उतना ही है अपने त्योहारों रीति-रिवाज और रस्मों के लिए प्रसिद्ध है। मेवाड़ महोत्सव पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। मेवाड़ उत्सव हर साल राजस्थान में मार्च या अप्रैल के महीने में मनाया जाता है और यह Udaipurमें मनाया जाता है यह 3 दिन तक मनाया जाने वाला उत्सव है।

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मेवाड़ त्यौहार 2023 | Mewar festival 2023

Mewas Festival 2023 22 मार्च से 24 मार्च तक मनाया जाएगा। पर्यटन विभाग (Tourism department) और राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) द्वारा तीन दिवसीय Mewar Festival का आयोजन किया जाता है जिसे Gangaur Festival के रूप में भी जाना जाता है यह त्यौहार हिंदू महीने 17 मार्च या अप्रैल में आयोजित किया जाता है Mewar Festival holi Festival के साथ भी मेल खाता है,Mewar Festival के दौरान कई जगह पर अलग-अलग तरह के समारोह और गतिविधियां आयोजित की जाती है इस उत्सव में कोई भी व्यक्ति प्रवेश ले सकता है और इस उत्सव का मजा लेने के लिए आंखों से कोई टिकट नहीं दिया जाता है। मेवाड़ उत्सव ना सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में काफी प्रसिद्ध है। Mewar Festival  का समारोह मेवाड़ में मौजूद सभी जीवित धरोहर जैसे पारंपरिक गायन नृत्य कला भोजन रंगो संस्कृति विविधता आदि को प्रदर्शित करने का बहुत सुनहरा अवसर है

Rajasthan एक पर्यटन स्थल है जिसे देखने देश-विदेश से लोग आते हैं Rajasthan को राजा महाराजाओं की धरती भी कहा जाता है यही कारण है जो पर्यटकों के लिए Udaipur India के प्रसिद्ध मनोरंजक और रूहानी स्थलों में से एक है। उदयपुर सिटी को झीलों की नगरी (Udaipur City of lakes) भी कहा जाता है। यह बहुत ही सुंदर झील और आकर्षक पहाड़ियों से घिरा हुआ है।

मेवाड़ उत्सव कब मनाया जाता है

Mewar Parv 2023:- हर साल मार्च-अप्रैल (March-April)  के महीने में आयोजित होने वाले Mewar Festival को अलग-अलग लेकिन अभिन्न भागों यानी धार्मिक और सांस्कृतिक भागों में विभाजित किया जा सकता है। मेवाड़ त्योहार Gangaur Festival के साथ मेल खाता है, जो महिलाओं के लिए एक विशेष महत्व रखता है, जिसके लिए उत्सव कम से कम एक पखवाड़े (Fortnight) पहले शुरू हो जाता है। गणगौर होली के अगले दिन से शुरू होता है और होली की आग से राख इकट्ठा करने के साथ शुरू होता है। जौ के बीजों को एकत्रित राख में दबा दिया जाता है और बीजों के अंकुरित होने तक हर दिन पानी पिलाया जाता है। नवविवाहित महिलाओं को सुखी वैवाहिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए 18 दिनों तक Fast रखना आवश्यक है। कई अविवाहित लड़कियां भी 18 दिनों तक उपवास रखती हैं, दिन में सिर्फ एक बार भोजन करती हैं।

जहां विवाहित महिलाएं अपने साथी के वैवाहिक सुख और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करती हैं, वहीं अविवाहित अपनी पसंद के वर के लिए प्रार्थना करती हैं। Gangaur के दिन, महिलाएं सुंदर सुंदर कपड़े पहनकर ईसर (भगवान शिव) और उनकी पत्नी गणगौर (देवी पार्वती) की छवियों को तैयार करने के लिए इकट्ठा होती हैं। । इन मूर्तियों को फिर एक विशाल जुलूस (Gangaur Procession) में ले जाया जाता है जो क्लॉक टॉवर से शुरू होता है और पिछोला झील के Gangaur Ghat पर समाप्त होता है। यहां, मूर्तियों को नावों पर  विराजमान करा दिया जाता है। यह देखने के लिए एक सुंदर दृश्य बनाता है, क्योंकि मूर्तियों को ले जाने वाली सैकड़ों नावें धीरे-धीरे झील में तैरती हैं।

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भारत में मेवाड़ उत्सव | Mewar Festival in India

India के Rajasthan में मनाया जाने वाला Mewar Festival व ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी फेमस है। यही कारण है जो  Mewar Festival का लुफ्त उठाने के लिए देश विदेश से लोग Rajasthan आते है।मेवाड़ महोत्सव Spring Season की शुरुआत का स्वागत करने के लिए हर साल मनाया जाता है जो पूरे India में आकर्षण का केंद्र होता है। जैसा कि अब तक हम जान चुके हैं कि मेवाड़ उत्सव उदयपुर में मनाया जाता है। यह गणगौर त्यौहार की मौके पर मनाया जाता है, जो Rajasthan महिलाओं के लिए बहुत अधिक महत्व रखने वाला त्योहार  है।

इस त्यौहार को मनाने के लिए ना सिर्फ महिलाएं पारंपरिक और सांस्कृतिक परिधानों से खुद को अच्छे से तैयार करती हैं, बल्कि इस समारोह में आकर्षण पैदा करने के लिए विशेष लोक नृत्य का प्रदर्शन भी करती है। इस त्यौहार में अलग-अलग तरह की रीतियां और परंपरागत गतिविधियां भी होती है। Ganguar Festival का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती (Lord Shiva and Goddesses Parvati) को समर्पित है। माता पार्वती और भगवान शिव की जोड़ी सबकी प्रिय जोड़ी है। इस दिन विवाहित औरतें व्रत रखती है और वह भगवान से अपने पति की लंबी उम्र की दुआ करती है। वही जो लड़कियां जिनकी शादी नहीं हुई है वह अच्छे वर के लिए इस व्रत को रखती है। माना जाता है कि गणगौर का व्रत (Gangaur Fast) रखने से जोड़ियां के बीच प्यार बना रहता है।

मेवाड़ पर्व की विशेषता 

Udaipur में Mewar Parv 2023 के बारे में जो अनोखा है वह विरासत की भावना है जो इसके साथ जुड़ी हुई है। मेवाड़ के शाही घराने से जुड़े समारोह और अनुष्ठान पिछले साढ़े सात दशकों से अखंड रूप से पारित किए गए हैं, और अभी भी उसी भव्यता और धूमधाम से होते हैं जैसे 75 साल पहले थे। कुछ भी हो, अनुष्ठान और समारोह केवल अधिक उज्ज्वल और जीवन से भरपूर बनने के लिए विकसित हुए हैं। Rajasthan देश का एक ऐसा राज्य है जहां आज भी लोक त्योहार बड़े ही धूम धाम के साथ मनाएं जाते है। Rajasthan नें आज के समय में भी अपने रीति रिवाज और परंपरा की धरोहर को संजो के रखा है। Mewar Parv की खास विशेषता ये है कि मेवाड़ का त्यौहार Udaipur का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है।

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India की विरासत का शहर कहे जाने वाले Udaipur में भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा का नेतृत्व के साथ ही Rajasthan में Mewar की सभी जीवित विरासतों की रक्षा करने के लिए Mewar Festival मनाया जाता है। Mewar Festival में हर साल मेवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक सांस्कृतिक कलात्मक मनोरंजक गतिविधियों को आयोजित किया जाता है।ऐसा माना जाता है कि महाराणा उदय सिंह (Maharana Udai Singh) अपनी एक शिकार अभियान के दौरान एक साधु से मिले थे। राजा से मिलने पर साधु ने उन्हें आशीर्वाद दिया था और उन्हें उस स्थान पर महल बनाने की सलाह दी थी। साधु की सलाह मानते हुए राजा ने महल बना कर नगर की स्थापना की। यह त्यौहार तब का त्यौहार है जब सिसोदिया वंश Udaipur और आसपास के मेवाड़ क्षेत्र पर शासन किया करते थेष

मेवाड़ उत्सव के आकर्षण केंद्र

Mewar Parv 2023 हर साल अपने पर्यटकों को आकर्षित करता है। मेवाड़ उत्सव Rajasthan के Udaipur में मनाया जाता है। उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है। यह शहर हरे भरे उद्यानों, बगीचों, शानदार किलों-महलों को अपने में समेटा हुआ है। Mewar Festival के दौरान पूरा शहर देखते ही बनता है। हर जगह यह शहर रोशनी से जगमगा जाता है। मेवाड़ उत्सव के कई कार्यक्रम ऐसे हैं जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जिनमें से एक है भव्य गणगौर जुलूस। Gangaur Festival  मेवाड़ महोत्सव से मेल खाता है। Gangaur Festival महिलाओं का एक विशेष त्यौहार है। होली के दूसरे दिन से Gangaur Festival शुरू हो जाता है। गणगौर के दिन महिलाएं सुंदर ढंग से तैयार होकर भगवान शिव (Bhagwan Shiv) और देवी पार्वती (Devi Parvati) की मूर्ति को रंगीन जुलूस में पिछोला झील तक ले जाती है।

जहां मूर्तियों को विशेष नावों में सुरक्षित रूप से रख दिया जाता है। नीले पानी पर तैरती कई रंग बिरंगी नाव को देखना मन को आनंदित कर देता है। मेवाड़ महोत्सव का दूसरा आकर्षण केंद्र है यहां का लोक नृत्य प्रदर्शन जिसमें घूमर (Ghoomar) और कालबेलिया (Kalbeliya) के नृत्य होते हैं। जब राजस्थान की महिलाएं रंग बिरंगी घागरा ओढ़नी पहनकर घूमर करती हैं हर किसी का मन इसे देख कर प्रफुल्लित हो जाता है। इस दिन घरों और दुकानों के सामने रंग बिरंगी रंगोली भी बनाई जाती है। रंगोली को बहुत शुभ माना जाता है, यही कारण है जो हर त्योहार पर भारत देश में हिंदू धर्म (Hindu Religion) के लोग रंगोली बनाते हैं।

FAQ’s :- Mewar Parv 2023

Q. मेवाड़ त्योहार कब मनाया जाता है

Ans. मेवाड़ त्योहार हर साल मार्च या अप्रेल के माह में मनाया जाता है।

Q. भारत में मेवाड़ त्योहार कहां मनाया जाता है ?

Ans. भारत में मेवाड़ त्योहार राजस्थान के उदयपुर में मनाया जाता है।

Q. मेवाड़ त्योहार 2023 कब मनाया जाएगा है ?

Ans. मेवाड़ त्योहार 2023 22 मार्च से लेकर 24 मार्च तक मनाया जाएगा।

Q. मेवाड़ त्योहार कितने दिन तक मनाया जाता है ?

Ans. मेवाड़ त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है।

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