ads

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti | सरदार पटेल जयंती कब, क्यों मनाई जाती हैं? Sardar Patel Status, Famous, Quotes, Wishes in Hindi

By | October 12, 2023
Follow Us: Google News

सरदार पटेल जयंती 2023:- सरदार वल्लभ भाई पटेल को कौन नहीं जानता है, देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के लौह पुरुष के तौर पर भी जाने जाते हैं I देश आजादी के बाद उन्होंने 563 रियासतों का विलय कर भारत राष्ट्र का निर्माण किया था I जिसके कारण उनको लोह  पुरुष की उपाधि दी गई थी  I  इसके अलावा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका अतुल्य रही थी ऐसे महान विभूति को हमें शत-शत नमन करना चाहिए . 31 अक्टूबर 2023 को पूरे भारतवर्ष में Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti मनाई जाएगी इस दिन भिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए ताकि उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाया जा सके ऐसे में आप लोगों के मन में सवाल आता होगा कि Sardar Patel Jayanti कब है? कब मनाई जाएगी, देश हित में उनके द्वारा किया गया कार्य क्या है? सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती स्टेटस इन सब के बारे में अगर आप जाना चाहते हैं तो हम आपसे निवेदन करेंगे कि पोस्ट को आखिर तक पढ़े चलिए शुरू करते हैं-

Sardar Patel Jayanti 2023- Overview

जयंती का नामसरदार पटेल जयंती 2023
साल2023
कब मनाया जाएगा31 अक्टूबर को
कहां मनाया जाएगापूरे भारतवर्ष में
क्यों मनाया जाएगासरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष में
जयंती मनाने का मुख्य उद्देश्यदेश हित में उनके द्वारा किया गया कार्य को याद करने के लिए

सरदार पटेल जयंती कब हैं – Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti 2023

31 अक्टूबर 2023 मंगलवार को भारत में सरदार पटेल जयंती हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाएगा इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भारत में आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को उनके जीवन के बारे में बताया जा सके I

See also  Diwali Puja 2023 | Lakshmi Pujan | लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, विधि, मंत्र, आरती

सरदार बल्लभ भाई पटेल के देश हित में किए गए कार्य

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti : सरदार बल्लभ भाई पटेल ने देश हित में कई लोग हितकारी कार्य किए थे जिनका शब्दों में बयान करना संभव नहीं है लेकिन फिर भी हम सरदार बल्लभ भाई पटेल के द्वारा देश हित में जो कार्य किया गया था उसकी चर्चा करेंगे उनका सबसे महत्वपूर्ण काम देश का एकीकरण करना था | जैसा कि आप लोग जानते हैं कि जब देश 1947 में आजाद हुआ तो देश में सभी रियासतें अलग अलग थी और कई रियासतों भारत में मिलने के लिए राजी भी नहीं हो रही थी इसकी सबसे प्रमुख वजह थी कि उनमें से अधिकांश मुस्लिम रियायत पाकिस्तान में सम्मिलित होना चाहती थी क्योंकि अंग्रेजों ने जब भारत का बंटवारा किया तो उन्होंने कहा कि जो रियासत भारत के साथ रहना चाहती हैं वह भारत के साथ जा सकती हैं और जिन्हें पाकिस्तान जाना है वह पाकिस्तान जा सकती हैं |

ऐसे में भारत के हैदराबाद के निजाम ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया और साथ में जूनागढ़ का भी लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ और कूटनीतिक का इस्तेमाल करते हुए दोनों रियासतों को भारत में विलय करने के लिए मजबूर किया और हैदराबाद और जूनागढ़ को पाकिस्तान में सम्मिलित होने से रोका I इसके अलावा कश्मीर में जिस प्रकार पाकिस्तान कब्जा करना चाहता था I उसे रोकने का काम भी सरदार बल्लभ भाई पटेल ने किया था नहीं तो आज कश्मीर पाकिस्तान के अंदर सम्मिलित होता I

सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कुल मिलाकर 563 रियासतों को भारत में विलय करने का काम किया जिसके कारण उन्हें आयरन मैन की उपाधि दी गई है इसके अलावा उन्होंने गांधी जी के कहने पर प्रधानमंत्री पद का त्याग किया है | जो अपने आप में बहुत बड़ी उनकी कुर्बानी है क्योंकि जब देश आजाद हुआ तो देश में मांग हुई कि सरदार वल्लभभाई पटेल को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाए लेकिन गांधीजी के कारण उन्हें प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा ऐसे महान पुरुष को हम लोग शत-शत नमन करते हैं जिन्होंने देश हित के लिए पद का त्याग किया I

See also  शिक्षक दिवस पर कविता | Teachers Day Poem in Hindi | Teacher Day Poem Short Poem

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती स्टेटस | Sardar Patel Status in Hindi

सत्य के मार्ग पर चलने हेतु बुरे का त्याग आवश्यक है, चरित्र का सुधार आवश्यक है।
(वल्लभ भाई पटेल)

शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो लेकिन हथौड़ा
तो ठंडा रहकर ही काम दे सकता हैं!!!
#इस मिट्टी में कुछ अनूठा हैं जो कई बाधाओ के
बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा हैं!!!

काम करने में तो मजा ही तब आता है, जब उसमे मुसीबत होती है मुसीबत में काम करना बहादुरों का काम है मर्दों का काम है कायर तो मुसीबतों से डरते हैं लेकिन हम कायर नहीं हैं, हमें मुसीबतों से डरना नहीं चाहिये। Sardar Patel Jayanti Status!

इस देश की मिट्टी में कुछ अलग ही बात है, जो इतनी कठिनाइयों के बावजूद हमेशा महान आत्माओं की भूमि रही हैं। हैप्पी सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती !

कायरता का बोझा दूसरे पड़ोसियों पर रहता
है अतः हमें मजबूत बनना चाहिए ताकि
पड़ोसियों का काम सरल हो जाए।

जब तक इंसान के अन्दर का बच्चा जीवित है,
तब तक अंधकार आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है,
इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिये,
और अन्याय का सामना मजबूत हाथों से कीजिये।”

अधिकार मनुष्य को तब तक अंधा बनाये रखेंगे,
जब तक मनुष्य उस अधिकार को प्राप्त करने हेतु मूल्य न चुका दे।”

जब जनता एक हो जाती है,
तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नहीं टिक सकता।
अतः जात-पांत के ऊँच-नीच के भेदभाव को भुलाकर सब एक हो जाइए।”

मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए.
लोहा भले ही गर्म हो जाए, हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए
अन्यथा वह स्वयं अपना हत्था जला डालेगा.

कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये,
अंत में तो उसे ठंडा होना ही पड़ेगा.

चरित्र निर्माण के दो तरीके- उत्पीड़न को चुनौती देने के लिए ताकत पैदा करना,
और परिणामी कठिनाइयों को सहन करना जो साहस और जागरूकता को जन्म देती हैं।

FAQ’s Sardar Patel Jayanti 2023

Q: सरदार पटेल जयंती कब मनाई जाएगी?

Ans: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती 31 अक्टूबर को पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा

See also  Makar Sankranti 2024 | मकर संक्रांति कब, और क्यों मनाई जाती हैं? जाने महत्व क्या है?

Q: सरदार पटेल जयंती क्यों मनाई जाती है?

Ans: सरदार पटेल जयंती मनाने के पीछे की वजह यह है कि इसी दिन उनका जन्म दिन हुआ था I

Q: सरदार पटेल को लौह पुरुष क्यों कहा जाता?

Ans: सरदार पटेल देश आजाद होने के बाद 563 रियासतों को भारत में विलय करने का काम किया था जिसके कारण उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है I

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easyhindi.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *