International Girl Child Day Essay in Hindi | अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध

By | सितम्बर 29, 2022
Girls Child Day Essay

International Girl Child Day Essay in Hindi:- अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य स्त्री को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना है। यह आवश्यक दिन पहले एक निजी संस्था के द्वारा शुरू किया गया था धीरे-धीरे इसे पूरे विश्व में सम्मान मिलने लगा और 2008 से इसे राष्ट्रीय संघ के द्वारा 11 अक्टूबर का दिन चुना गया और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस घोषित कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विश्व के 50 से अधिक देशों में स्त्री को सम्मान और आत्म निर्भर बनाने की विभिन्न प्रकार के मुहिम चलाई जाती है। अगर आप अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध या Girls Child Day Essay in Hindi इस तरह की कोई अन्य जानकारी लोगों के साथ साझा करना चाहते है यह जानना चाहते हैं तो नीचे दिए गए निर्देशों को पढ़ें। 

भारत में विभिन्न स्कूल कॉलेज और यूनिवर्सिटी के द्वारा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता या भाषण प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है। अगर इस तरह के किसी अवसर पर आपको अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध लिखने का अवसर दिया गया है तो नीचे दिए गए निर्देशों का आदेश अनुसार पालन करें और बेहतरीन निबंध की सूची में से एक खूबसूरत निबंध प्राप्त करें। 

International Girl Child Day Essay in Hindi

दिवस का नामInternational Day of the Girl Child
कब हैहर साल 11 अक्टूबर को मनाया जाता है
क्यों मनाया जाता हैविश्व की सभी स्त्री को समाज में पुरुष के बराबर का दर्जा देने और सम्मान के प्रति जागरूक करने के लिए
कहां मनाया जाता हैविश्व के 50 से अधिक देशों में

Essay on the International Day of the Girl Child

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को विश्व के 50 से अधिक देशों के द्वारा मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति की ओर लोगों को जागरूक करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। विश्व के सभी देशों में स्त्री को उसका सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए विभिन्न प्रकार के समारोह को आयोजित किया जाता है और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।

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Girls Child Day Essay in Hindi

समाज में स्त्री को पुरुष के बराबर का दर्जा नहीं दिया जा रहा है आधुनिकता के इस दौर में कुछ हद तक औरतों को आजादी दी गई है मगर समाज में वह वास्तविक बराबरी का दर्जा अब तक औरतों को नहीं मिल पाया है। इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए एक निजी संस्था के द्वारा “क्योंकि मैं लड़की हूं” मुहिम को 2008 में शुरू किया गया था। इस मुहिम में दुनिया का वह नजरिया सबके समक्ष रखा गया जिसने इस मुहिम को पूरे विश्व में प्रचलित कर दिया। 2011 में कनाडा सरकार के द्वारा इस मुहिम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित करने के लिए राष्ट्र संघ में पेश किया गया। जिसके बाद 11 अक्टूबर 2011 को वह दिन चुना गया जहां से विश्व के 50 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रकार के समारोह के जरिए स्त्री के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास शुरू किया गया।

तब से लेकर आज तक प्रत्येक साल 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। भारत में स्त्री के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस को 24 जनवरी को मनाया जाता है मगर पूरे विश्व के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्त्री को सम्मान देने और उसे समाज में बराबरी का दर्जा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। हर साल इस दिन विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन और ऑफलाइन समारोह को आयोजित किया जाता है और विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करके समाज के लोगों को औरतों के प्रति जागरूक किया जाता है। 

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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध (500 शब्द)

हर साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस मुहिम की शुरुआत सबसे पहले एक निजी संस्था के द्वारा की गई थी। विश्व स्तर पर बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य स्त्री के जीवन में आने वाली परेशानियों के बारे में लोगों को जागरूक करना है। एक औरत के साथ होने वाले भेदभाव के बारे में लोगों को बताया जाता है ताकि वह समझ सके कि समाज में किस स्तर पर औरतों के साथ किस प्रकार के भेदभाव होते है। 

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का त्यौहार सबसे पहले एक निजी संस्था के द्वारा “क्योंकि मैं लड़की हूं” नाम की मुहिम से शुरू किया गया था। धीरे-धीरे इस मुहिम के अंतर्गत पूरे विश्व की महिलाएं जुड़ने लगी और यह मुहिम विश्व की सभी महिलाओं की स्थिति को दुनिया के समक्ष लाने लगा है 2011 में राष्ट्रीय संघ में इसके बारे में लोगों को जानकारी मिली और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस शुरू किया गया। 

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है और इस दिन स्त्री शक्ति के प्रति हर किसी को जागरूक किया जाता है। विभिन्न प्रकार के समारोह आयोजित किए जाते हैं ऑनलाइन और ऑफलाइन समारोह के जरिए बालिका दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बीते कुछ समय से बालिका दिवस के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न प्रकार के समारोह आयोजित किए जा रहे हैं वर्तमान समय ऑनलाइन हो चुका है इस वजह से ऑनलाइन भी अलग-अलग प्रकार के आयोजन किए जाते है। धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का असर लोगों पर दिख रहा है और स्त्री को समाज में सम्मान और एक नया दर्जा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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Girls Child Day Essay in Hindi FAQ’s

Q. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कब है?

हर साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर को मनाया जाता है।

Q. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस स्त्री की परेशानियों के बारे में लोगों को जागरूक करने और समाज में स्त्री को पुरुष के बराबर का सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

Q. भारत में बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में बालिका दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है, मगर यह राष्ट्र के अवसर पर मनाया जाता है।

Q. अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कब से मनाया जा रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 11 अक्टूबर 2011 से मनाया जा रहा है। इसे 2008 में राष्ट्र संघ में पेश किया गया था जिसके बाद स्त्री की स्थिति के बारे में हर किसी को जागरूक करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस 50 से अधिक देशों में मनाने का ऐलान किया गया। 

निष्कर्ष

आज इस लेख में हम ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध (International Day of Girl Child) प्रस्तुत किया है। हमने आपको सरल शब्दों में यह समझाने का प्रयास किया कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस विश्व की सभी स्त्री को सम्मान दिलाने और पुरुष के बराबर का दर्जा समाज में देने के लिए मनाया जाता है। अगर हमारे द्वारा साझा की गई जानकारियों को पढ़ने के बाद आप अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के बारे में समझ पाए हैं और इसके महत्व से रूबरू हो पाए है तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें साथ ही अपने सुझाव और विचार कमेंट में बताना ना भूले। 

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