National Girl Child Day 2024 | राष्ट्रीय बालिका दिवस कब, क्यों, कैसे मनाया जाता है? इतिहास, महत्व और थीम

Rashtriya Balika Diwas 2024

National Girl Child Day 2024 | राष्ट्रीय बालिका दिवस 2024:-प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में साल 2024 में भी 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य देश के बेटियों को बराबरी का हक एवं सुरक्षा प्रदान करना होता है। इस दिन भारत के विभिन्न जगहों पर कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में देश के बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही साथ सरकार देश के महिलाओं के उत्थान के लिए कई प्रकार के योजनाओं का घोषणा भी करते हैं।राष्ट्रीय बालिका दिवस का शुरुआत सबसे पहले 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा किया गया था। जैसे कि आप लोगों को पता है समाज में कई क्षेत्रों में महिलाओं को समान अधिकार नहीं दिया जाता है उनके साथ भेदभाव किया जाता है इसी भेदभाव को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस (Rashtriya Balika Diwas) प्रत्येक वर्ष संपूर्ण भारत में मनाया जाता है।

ऐसे में हम में से कई लोगों के मन में या प्रश्न होगा कि 24 जनवरी को क्यों मनाया जाता है बालिका दिवस, राष्ट्रीय बालिका दिवस थीम 2024, बालिका दिवस का नारा National Girl Child Day 2024 तो आईए हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से संबंधित प्रश्नों का जवाब विस्तार पूर्वक प्रदान कर रहे हैं इसलिए आप लोग इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

Also Read: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता हैं

National Girl Child Day 2024- Overview

आर्टिकल का प्रकारमहत्वपूर्ण दिवस
आर्टिकल का नामराष्ट्रीय बालिका दिवस
साल2024
कब बनाया जाएगा24 जनवरी को
कहां मनाया जाएगाभारतवर्ष में
सबसे पहले कब मनाया गया था2008 में

ये भी पढ़ें:- अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर निबंध

राष्ट्रीय बालिका दिवस (Rashtriya Balika Diwas 2024)

Rashtriya Balika Diwas प्रत्येक साल 24 जनवरी को मनाया जाता है I

राष्ट्रीय बालिका दिवस कब है? National Girl Child Day Kab Hai

राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी 2024 को धूमधाम के साथ भारत के विभिन्न जगहों पर मनाया जाएगा I राष्ट्रीय बालिका दिवस के माध्यम से समाज में जागरूकता लाना है ताकि लोग लड़कियों में किसी प्रकार का भेदभाव ना करें और उनके विकास उत्थान के लिए निरंतर काम करें I

राष्ट्रीय बालिका दिवस के उद्देश्य (National Girl Child Day Objective)

Rashtriya Balika Diwas 2024:- राष्ट्रीय बालिका दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव के मनो भावना को समाप्त करना हैI जैसा कि आप लोग को मालूम होगा कि भारत के कई ऐसे राज्य हैं जहां पर लड़कियों के स्थिति काफी दयनीय हैI वहां पर उन्हें जन्म से पहले ही मार दिया जाता है इन सब चीजों को रोकने के लिए ही राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जा रहा हैI ताकि लोगों को जागृत करने का काम किया जा सके कि लड़कियां लड़कों से किसी भी मामले में कम नहीं है और आज की लड़की यकीनन लड़कों से आगे निकल चुकी हैं ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है |

See also  Parakram Diwas 2024 | पराक्रम दिवस कब हैं? क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास महत्व और थीम

जहां पर लड़कियों ने अपना परचम नहीं लगाया हो इसलिए हम सबको राष्ट्रीय बालिका दिवस के माध्यम से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमें निरंतर काम करना चाहिए इसके अलावा माता-पिता का सबसे पहला कर्तव्य है कि वह अपनी लड़कियों के साथ कोई भी भेदभाव ना करें I

24 जनवरी को क्यों मनाया जाता है बालिका दिवस

24 जनवरी को बालिका दिवस मनाने के पीछे यह कारण है कि देश का पहला महिला इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनने के बाद 24 जनवरी को शपथ ग्रहण की थी। इस दिन को महिला के सशक्तिकरण के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि देश के स्वतंत्र होने के बाद पहली बार कोई महिला देश की प्रधानमंत्री के पद पर बैठी थी। महिलाओं के इस सशक्तिकरण के इस दिन को यादगार बनाने के लिए एवं उनके अपने अधिकार के जागरूक करने के उद्देश्य से 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की प्रक्रिया शुरू हुआ।

राष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास (History Of Rashtriya Balika Diwas)

राष्ट्रीय बालिका दिवस के इतिहास के बारे में अगर हम चर्चा करें तो हम आपको बता दें कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत 24 जनवरी 2008 को की गई थी उसके बाद से भारत में 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है I इसके अलावा 1966 में इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी के दिन एक महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी जो प्रत्येक देशवासियों के लिए एक गौरव का पल था क्योंकि भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा था कि एक महिला देश के प्रधानमंत्री बन गई थी जो महिला के शक्ति करण की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव था I

भारत के कई ऐसे राज्य हैं जहां पर लड़कियों के जन्म होने पर लोग नाखुशी जताते हैं और कई लोग तो जन्म के पहले ही लड़कियों को मार देते हैं I ऐसी विचारधारा को समाप्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई है I ताकि लोगों के अंदर जागृति लाई जा सके कि लड़कियां लड़कों से किसी मुकाबले में कम नहीं है I इसके लिए देश भर में कई प्रकार के बालिका संबंधित योजना का संचालन भी किया गया है उनमें से सबसे प्रमुख योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ I

See also  महिला दिवस पर शायरी | Women's Day Shayari in Hindi

बालिका दिवस का महत्व (Important Of National Girl Child Day)

राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को देश भर में मनाया जाता है आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां पर बेटियां अपना परचम ना लगा रही हूं पहले के समय बेटी पैदा होने पर लोग काफी दुखी हुआ करते थे उनका मानना था कि बेटी उनके बुढ़ापे का सहारा नहीं बन पाएंगे यही वजह के लोग बेटियों के मुकाबले बेटे की चाह अधिक रखे थे जिसके कारण कई बेटियों को तो गर्भ के अंदर मार दिया जाता था लेकिन आज का वक्त बिल्कुल बदल चुका है आज बेटियां बेटों से लाख गुना आगे हैं और ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां पर उन्होंने अपना बचत स्थापित नहीं किया है

यही वजह है कि सरकार ने बेटियों को और भी ज्यादा सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की परंपरा शुरू की है ताकि समाज में जागृति लाई जा सके कि लड़कियां लड़कों के बराबर है I  भारत देश को आजादी मिलने के बाद से सरकार ने बेटियों और बेटों के बीच की भेदभाव को जार से खत्म करने के लिए कई तरह के योजनाएं चलाई हैं। और बेटियों को देश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए कई कानून भी लागू किए गए। जैसे लिंग की जांच करना एक प्रकार का गैरकानूनी है अगर ऐसा करते हुए कोई व्यक्ति पकड़ा जाए तो उसे ₹ ₹100000 का जुर्माना और 3 साल की सजा हो सकती है I

राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम 2024 | National Girl Child Day Theme 2024

बालिका दिवस दिवस का थीम अभी तक प्रकाशित नहीं की गई है। जैसे ही राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम प्रकाशित होता है तो इसे राष्ट्रीय बालिका दिवस थीम 2024 पृष्ठ पर अपडेट कर दिया जाएगा।

बालिका दिवस का नारा | Rashtriya Balika Diwas Slogns

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष 2024 में भी 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रीय बालिका दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त करना एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागृत करना होता है। सोशल मीडिया के माध्यम से आप लोग समाज में हो रहे हैं बालिकाओं के साथ भेदभाव की भावनाओं को दूर कर सकते हैं। हम आप लोगों के लिए बालिका दिवस का नारा का कलेक्शन निम्न रूप से प्रस्तुत कर रहे हैं जिसके द्वारा आप लोग बालिकाओं के प्रति समाज के नजरिया को बदल सकते हैं:-

बेटी को अधिकार दो,

बेटे जैसा प्यार दो.

हर जंग हार जाओगे,

अगर बेटी को नही अपनाओगे

जिस आँगन में हो बेटी का सम्मान,

वह घर होता है स्वर्ग समान.

हर घर से आवाज उठेगी,

बेटियां भी पढ़ेंगी और आगे बढेंगी.

बेटियों को मत रखो निरक्षर,

बेटियां भी बनेंगी बड़ी अफसर.

बेटियों से ज्यादा नही कोई प्यारा,

बेटियां ही बनेगी आपका सहारा.

नारी है घर का गहना,

नारी में है माँ, बीबी और बहना.

बेटी तो है जग की जननी,

हमें रक्षा अब इसकी है करनी.

बेटी कुदरत का उपहार, नहीं करो उसका तिरस्कार

जो बेटी को दे पहचान, माता-पिता वही महान

जीने का उसको भी अधिकार, चाहिए उसे थोडा सा प्यार।

जन्म से पहले न उसे मारो, कभी तो अपने मन में विचारो।

जन्म से पहले न उसे मारो, कभी तो अपने मन में विचारो।

शायद वही बन जाए सहारा, डूबते को मिल जाए किनारा॥

घर-आंगन का शृंगार है बेटियां

रिश्तों का आधार है बेटियां

FAQ’s Rashtriya Balika Diwas 2024

Q.राष्ट्रीय बालिका दिवस कहां मनाया जाता है?

Ans. राष्ट्रीय बालिका दिवस संपूर्ण भारत में मनाया जाता है।

See also  Guru Gobind Singh Jayanti 2024: कौन थे गुरु गोबिंद जी और क्यों मनाई जाती है गुरु गोबिंद सिंह जयंती, जानें सब कुछ

Q राष्ट्रीय बालिका दिवस साल 2024 में कब मनाया जाएगा?

Ans.राष्ट्रीय बालिका दिवस साल 2024 में 24 जनवरी को मनाया जाएगा।

Q. सबसे पहले राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया गया था?

Ans. सबसे पहले राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी 2008 को मनाया गया था |

Q. राष्ट्रीय बालिका दिवस कब मनाया जाता है?

Ans. भारत में हर वर्ष 24 जनवरी को बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Q. भारत में लड़कियों की सुरक्षा के लिए अन्य क्या कदम उठाए गए हैं?

Ans. भारत सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बहुत समर्थन किया जाता है और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के कड़े कानून बनाए गए हैं इसके अलावा महिलाओं को सशक्त आत्मनिर्भर किया जा सके उसके लिए देश भर में बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई है I

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easyhindi.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Optimized with PageSpeed Ninja