राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस, 2023 में कब है, कैसे मनाया जायेगा, थीम क्या है?

National Pollution Control Day

Rashtriya Pradushan Niyantran Divas 2023 | Pradushan Niyantran Divas Kab hai | Pradushan Niyantran Divas Kyo Manaya Jata Hai

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2023:- जैसा कि आप लोग जानते दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है . इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं .ताकि लोगों को प्रदूषण को कैसे नियंत्रित करना है उसके लिए जागरूक किया जा सके I ताकि बढ़ते हुए प्रदूषण को रोका जा सके I प्रदूषण की समस्या से कई प्रकार के गंभीर बीमारी हम सबको हो सकती है I इसलिए Pollution को रोकना हम सभी का कर्तव्य है I ऐसे में राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस क्यों मनाया जाता है? कब मनाया जाता है 2023 में इसका थीम क्या है? प्रदूषण होने के क्या कारण है ऐसे तमाम सवाल अगर आपके मन में आ रहे हैं और आप उनके जवाब नहीं जानते हैं . तो हमारे साथ आर्टिकल पर बने रहे चलिए शुरू करते हैं-

National Pollution Control Day 2023

आर्टिकल का प्रकारमहत्वपूर्ण दिवस
आर्टिकल का नामराष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस
साल2023
कब मनाया जाएगा2 दिसंबर को
कहां मनाया जाएगापूरे भारतवर्ष में
क्यों मनाया जाता हैप्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस कब मनाया जाता हैं ?

2 दिसंबर 2023 को नेशनल पॉल्यूशन कंट्रोल डे भारत में मनाया जाएगा | इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को बढ़ते हुए प्रदूषण को कैसे रोकना है | उसके प्रति जागृत किया जा सके I क्योंकि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और अगर इसे समय के अनुरूप नहीं रोका गया तो इसका दुष्परिणाम प्रत्येक मानव जाति और प्राणियों को भुगतना पड़ेगा I

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता हैं?

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने के पीछे की वजह है कि बढ़ते हुए प्रदूषण की मात्रा को नियंत्रित करना क्योंकि जिस प्रकार कल कारखाने तेजी के साथ विकसित हो रहे हैं ऐसे में वातावरण भी तेजी के साथ प्रदूषित हो रहा है अगर हम प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं लगाएंगे तो 1 दिन इस पृथ्वी पर समुचित मानव जाति का विनाश हो जाएगा I ऐसे में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाकर लोगों को प्रदूषण के प्रति जागृत करने का काम केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है ताकि लोग समझ सके कि प्रदूषण कितनी गंभीर समस्या है और अगर इसे नहीं रोका गया तो इसका क्या गंभीर परिणाम हो सकता है इस दिन देश में विभिन्न प्रकार पर्यावरण संबंधित प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं जिसमें लोगों को बताया जाता है कि आप कैसे प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं I

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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस थीम 2023

प्रदूषण नियंत्रण दिवस का थीम 2023 में अभी तक जारी नहीं किया गया है हालांकि प्रदूषण नियंत्रण दिवस का थीम प्रत्येक साल एक जैसा ही होता है इसमें अमूमन प्रदूषण को हम कैसे नियंत्रित कर सकते हैं उसके बारे में ही व्यापक यहां पर जानकारी होती है और उसके के मुताबिक राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है

प्रदूषण के मुख्य कारण

प्रदूषण बढ़ने के कई सारे कारण है लेकिन हम इसके मुख्य कारणों के बारे में बात करें तो सबसे पहला कारण है कि जिस प्रकार गाड़ियों का इस्तेमाल तेजी के साथ हो रहा है उन गाड़ियों के धुएं में हानिकारक गैस होते हैं जो हमारे वायुमंडल में जाकर हवा को प्रदूषित कर देते हैं जिसके कारण आसपास का वातावरण काफी प्रदूषित हो जाता है इसके अलावा पेड़ों की कटाई नियमित रूप से की जा रही है जिसके कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा बढ़ रही है और ऑक्सीजन की कमी हो रही है .

अगर ऐसा हुआ तो इस पृथ्वी पर किसी भी प्राणी का अस्तित्व नहीं रहेगा क्योंकि वायुमंडल में अगर कार्बन ऑक्साइड गैस की मात्रा बढ़ जाएगी तो हमें सांस लेने में दिक्कत होगी उद्योग धंधे भी तेजी के साथ विकसित हो रहे हैं उससे निकलने वाले हानिकारक गैस प्रदूषण को बढ़ाने में महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होते हैं I आज के वक्त में है प्रत्येक देश हानिकारक हथियारों का निर्माण तेजी के साथ कर रहा है ऐसे में इन हथियारों का इस्तेमाल जब युद्ध के समय होता है तो उसे निकलने वाले हानिकारक पदार्थ के वायुमंडल में समझो जाते हैं जिसके कारण हमारा वायुमंडल अधिक प्रदूषित होता है

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इसका सबसे बड़ा उदाहरण था 1945 में जब अमेरिका ने जापान के ऊपर परमाणु बम गिराया था तो उसके कारण हमारा वायुमंडल पूरी तरह से रेडियोएक्टिव तत्वों से भर गया था इसका खामियाजा आज भी जापान में रहने वाले निवासी उठा रहे हैं इसलिए हम सबको मिलकर प्रदूषण को नियंत्रित करना होगा I

प्रदूषण नियंत्रण कैसे हो सकता हैं

पटाखों का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें:- जब आप दशहरा, दीपावली या किसी भी त्यौहार पर पटाखे का इस्तेमाल करते हैं आप उसे बंद कर दें और अगर आप पटाखे का इस्तेमाल करना भी चाहते हैं तो आप ऐसे पटाखे इस्तेमाल करें जिससे हमारा वातावरण प्रदूषित ना हो

वाहनों का प्रयोग सीमित करें:- आज जिस प्रकार वाहनों का प्रयोग तेजी के साथ हो रहा है ऐसे में हमारे वायुमंडल में प्रदूषण की समस्या तेजी के साथ बढ़ रही है अगर आप भी वाहन का इस्तेमाल करते हैं तो आप कोशिश करें कि कम से कम आप तो गाड़ियों का इस्तेमाल करें जरूरत ज्यादा पढ़े तभी आप अपनी पर्सनल गाड़ी इस्तेमाल करें इसके अलावा आप पेट्रोल डीजल के गाड़ियों की जगह आप इलेक्ट्रिक गाड़ी का इस्तेमाल करें ताकि आप अपने वातावरण को प्रदूषित होने से बचा सके

अपने आस-पास साफ-सफाई रखें:- आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखें और कूड़ा करकट इधर उधर ना फेंके क्योंकि इससे भी हमारा वातावरण प्रदूषित होता है

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण कैसे करें?

रिसाइकल और पुन: उपयोग:- कई ऐसे पदार्थ होते हैं जिसका आप रीसायकल कर उसे दोबारा उपयोग में ला सकते हैं जैसे आप लोगों ने देखा होगा कि प्लास्टिक के कचरे के द्वारा कई प्रकार की चीजें बनाई जाती हैं ऐसे में अगर प्लास्टिक को आप नष्ट नहीं करते हैं तो उससे भी हमारा वातावरण प्रदूषित है इसलिए प्लास्टिक की चीजों को अगर आप नष्ट करना चाहते हैं तो उसके लिए आप रीसायकल प्रक्रिया का अनुसरण कर सकते हैं इसे कोई भी प्लास्टिक को आप आसानी से नष्ट कर सकते हैं आजकल सरकार प्लास्टिक को रिसायकल करने के लिए बहुत सारी योजनाएं चला रही है, जहां नागरिक न केवल अपने प्लास्टिक के कचरे को दान कर सकते हैं, बल्कि अन्य वस्तुओं के बदले में इसका आदान-प्रदान भी कर सकते हैं।

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पेड़ लगाएं:- प्रदूषण को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है कि आप अधिक मात्रा में पेड़ लगाएं क्योंकि पेड़ के द्वारा वायुमंडल में कार्बन ऑक्साइड की मात्रा को कम किया जा सकता है और अगर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को मात्रा को कम करते हैं तो हमारा वातावरण प्रदूषित होने से बचेगा .

FAQ’s राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2023

Q: भारत में सबसे अधिक प्रदूषित राज्य कौन सा है?

Ans: भारत का सबसे अधिक प्रदूषित राज्य राजधानी नई दिल्ली है।

Q: भारत का सबसे कम प्रदूषित शहर कौन सा है?

Ans: भारत में सबसे कम प्रदूषित शहर मिजोरम का लुंगलेई शहर है।

Q: विश्व का सबसे कम प्रदूषित देश कौन सा है?

Ans: विश्व का सबसे कम प्रदूषित देश डेनमार्क है।

Q: जल प्रदूषण की मात्रा कैसे मापी जाती है?

Ans: जल प्रदूषण की मात्रा BOD (Biological Oxygen Demand) से मापी जाती है।

Q: भारत में प्रदूषण नियंत्रण किस विभाग के अंतर्गत आता है?.

Ans: भारत में प्रदूषण नियंत्रण “केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड” के अंतर्गत आता है।

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easyhindi.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं

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