Makar Sankranti Vahan 2024 | मकर संक्रांति 2024 में कौन होगा सूर्य देव का वाहन? जानें

By | January 12, 2024
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Makar Sankranti Vahan 2024:भारत संस्कृति और परंपराओं का देश है और हम भारतीय इनका बहुत सम्मान करते हैं। हमारी संस्कृति में कई त्यौहार हैं और हम उनमें से हर एक को बहुत उत्साह से मनाते हैं। यह जनवरी का महीना है और हर कोई मकर संक्रांति के प्रसिद्ध और प्यारे त्योहार का इंतजार कर रहा है। यह महत्वपूर्ण और सबसे पसंदीदा हिंदू त्योहारों में से एक है। हर साल जनवरी में हम मकर संक्रांति और उत्तरायण त्योहार बड़ी भावना और उत्साह के साथ मनाते हैं। हम तिल को अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों के साथ साझा करते हैं। बच्चों के साथ-साथ बड़े भी पतंग उड़ाने का आनंद लेते हैं। पूरा माहौल खुशी और उत्सव के माहौल से भरा हुआ रहता हैं। मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति का त्योहार प्रत्येक साल विशेष vahan पर सवार होकर आता हैं। ऐसे में मकर संक्रांति में vahan का विशेष महत्व होता हैं। अब आपके मन में सवाल आएगा कि 2024 में मकर संक्रांति मकर संक्रांति  सवारी क्या होगा ? अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो आज के आर्टिकल में Sankranti Vahan 2024 से जुड़ी जानकारी आपके साथ साझा करेंगे आर्टिकल पर बने रहिएगा चलिए जानते हैं:-

Makar Sankranti Vahan 2024- Overview

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मकर संक्रांति कब है? Makar Sankranti Kab ki Hai

मकर संक्रांति का त्योहार प्रत्येक साल 14 या 15 जनवरी जनवरी को मनाया जाता है परंतु 2024 में मकर संक्रांति  15 जनवरी को भारत के प्रत्येक राज्य में उमंग और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। मकर संक्रांति कब मनाई जाती है ? जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। भारत में मकर संक्रांति विभिन्न रीति रिवाज और अलग-अलग नाम से मनाया जाता हैं।

मकर संक्रांति वाहन | Makar Sankranti 2024 Vahan

मकर संक्रांति के त्यौहार में वहां का एक विशेष महत्व होता है प्रत्येक साल मकर संक्रांति विशेष vahan  पर सवार होकर आता है 2024 में मकर संक्रांति का Vahan ‘‘घोड़ा और उप वाहन शेर है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 2024 में मकर संक्रांति Vahan का आगमन दक्षिण दिशा से वाराह वाहन पर सवार होकर होने वाला है जिसका सीधा सा अर्थ है कि 2024 में भारत में कृषि के उत्पादन में वृद्धि देखी जाएगी जिसके फल स्वरुप खाद पदार्थों के दामों में भी वृद्धि हो सकती है।  जिसका सामना आम लोगों को करना होगा। इसके अलावा Makar sankranti Vahan माध्यम से यह पता चलता है, कि किस राशि के लिए इस बार कौन सा फल मिलेगा। किसे साल भर फायदा और किसे नुकसान होने की आशंका होती है। जब सूर्य भगवान दक्षिणायन से उत्तरायण में  प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति कहा जाता है इसका सीधा सा मतलब है कि 12 राशियों के हिसाब से सूर्य हर एक महीने हर एक राशि में भ्रमण करते हैं और उनके  Vahan  अलग-अलग होते हैं।

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मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है?

मकर संक्रांति, हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ दिनों में से एक, एक त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि में संक्रमण का प्रतीक है। पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार वसंत के आगमन और शीतकालीन संक्रांति के अंत का प्रतीक है।यह एकता का त्योहार है, जो लोगों में भाईचारा और प्रेम को बढ़ाता है यह दिन सूर्य देव को समर्पित है, सूर्य, ‘अंधेरे को दूर करने वाले’, अज्ञानता को दूर करने और ज्ञान लाने का प्रतीक है।यह त्यौहार पूरे देश में अलग-अलग नाम और रूप में मनाया जाता है। पंजाब में, इसे लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है,गुजरात और राजस्थान में, यह पतंग उड़ाने की परंपरा द्वारा चिह्नित है, जो परमात्मा तक पहुंचने का प्रतीक है। दक्षिणी भारत में, इसे पोंगल के नाम से जाना जाता है, जो एक फसल उत्सव है, जहाँ मौसम का पहला चावल सूर्य देव को चढ़ाया जाता है।  मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान करना काफी शुभ माना जाता है ऐसी मान्यता है की गंगा में डुबकी लगाने से आपके सभी पाप धुल जाएंगे इसके अलावा मकर संक्रांति पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को अगर आप दान करते हैं तो आपको महा पुण्य की प्राप्ति होगी।

Makar Sankranti Kab Manaya Jata Hai

मकर संक्रांति पर प्रत्येक साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है 2024 में मकर संक्रांति 15 जनवरी सोमवार को मनाया जाएगाI भारत में मकर संक्रांति धूमधाम और उमंग के साथ मनाया जाता है सभी राज्यों में मकर संक्रांति  विभिन्न नाम और अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता हैं। 

मकर संक्रांति वाहन का राज | Makar Sankranti 2024 Vahan

मकर संक्रांति में वाहनों का विशेष महत्व बताया गया है। इसी के माध्यम से यह पता चलता है, कि किस राशि के लिए इस बार कौन सा फल मिलेगा। किसे साल भर फायदा और किसे नुकसान होने की आशंका होती है। जब सूर्य भगवान दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के इस गोचर को ही संक्रांति कहा जाता है। मतलब 12 राशियों के हिसाब से सूर्य देवता हर महीने एक राशि में भ्रमण करते हैं और उनके वाहन भी अलग-अलग होते हैं। पंडितों के अनुसार सूर्य देवता के यह वाहन हर साल बदलते रहते हैं। संक्रांति का यह वाहन कभी शेर, बैल, सुअर तो कभी भैंस होती है। इस तरह हर बार वाहन अलग होते हैं। पिछले साल सूर्य देवता का वाहन ‘बाघ’ था।

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इस बार मकर संक्रांति पर सूर्यदेव का वाहन

इस बार संक्रांति (sankranti)पर सूर्य देवता का वाहन “वाराह (सूअर)” है। वर्तमान में सूर्य देवता धनु राशि में हैं, जो कि खरमास या मलमास कहा जाता है। सूर्य की इस स्थिति को कई जगह पर “धनारसें” भी बोला जाता है। धनु राशि में जब सूर्य आते हैं तो सारे शुभ काम बंद हो जाते हैं। इसके बाद सूर्य “संक्रांति” के दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे शुभ मुहूर्त कहा जाता है। सारे शुभ काम हवन, विवाह आदि की शुरूआत हो जाती है। सूर्य के अलग-अलग राशियों में प्रवेश करने पर जातकों पर इसका प्रभाव भी भिन्न-भिन्न होता है। उत्तरायण (uttarayan) होने के बाद से ठंड भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। उत्तराखंड में इस पर्व पर उत्तरायणी मेले का भी आयोजन किया जाता है। आमतौर पर सर्दी में रात लबी और दिन छोटा है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन से रात छोटी और दिन बड़ा होने लगता है। 

टॉपिकमकर संक्रांति वाहन क्या है
लेख प्रकारआर्टिकल
साल2024
2024 मकर संक्रांति कब है15 जनवरी
साल 2024 में मकर संक्रांति वाहन क्या हैवाराह
साल 2024 में कब सूर्य देवता मकर राशि में प्रवेश करेंगे15 जनवरी 2024 को रात 8 बजकर 57 मिनट पर सूर्य देवता मकर राशि में प्रवेश करेंगे
किसकी पूजा की जाती हैसूर्य देव

मकर संक्रांति पर स्नान व दान

ज्योतिषियों के मुताबिक मकर संक्रांति को सुबह काले तिल का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए। इसे “बुढ़की” लेना भी कहते हैं। इसके अलावा तिल से बनी चीजों का दान करना चाहिए। गरीबों को कंबल और वस्त्र भी दान करना चाहिए। कई श्रध्दालु इस दिन नदियों में स्नान करने जाते हैं और डुबकी लगाकर भगवान सूर्यनारायण (Sun) को अर्घ देते हैं। मकर संक्रांति साल का पहला बड़ा पर्व होता है।

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ऐसे हुई संक्रांति पर खिचड़ी खाने की शुरूआत

कहा जाता है कि खिलजी से युध्द के दौरान नाथ योगी बहुत कमजोर हो गए और भूख की वजह से सबकी तबियत बिगड़ने लगी। ऐसे में गोरखनाथ (Gorakhnath) ने दाल-चावल और सब्जी को एक साथ पकाकर सभी को भोजन कराया। इससे नाथ योगियों को ऊर्जा मिली और उनकी सेहत में भी सुधार हुआ। कहा जाता है कि तभी से खिचड़ी बनाने की परंपरा चली आ रही है।

मकर संक्रांति के दिन जो खिचड़ी बनाई जाती है, उसका संबंध किसी न किसी ग्रह से जरूर होता है। खिचड़ी में इस्तेमाल होने वाले चावल का संबंध चंद्रमा से, उड़द की दाल का संबंध शनिदेव (Shanidev) से, हल्दी का संबंध गुरू और हरी सब्जियों का संबंध बुध देव से होता है। इसके अलावा घी का संबंध सूर्य देव से होता है। इसलिए मकर संक्रांति (Makar Sankranti) की खिचड़ी को बहुत खास माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अगर किसी पंडित को खिचड़ी खिलाई जाए तो, उस इंसान के घर में सुख, समृध्दि और सकारात्मक ऊर्जी का संचार होता है।

इस दिन दान में दाल, चावल, तिल, हल्दी, नमक, हरी सब्जियां का दान करना शुभ माना जाता है। खिचड़ी खाने से स्वास्थ्य (Health) भी अच्छा रहता है। इसके सेवन से कई बीमारियां भाग जाती हैं। इस पर्व के अवसर पर लोगों के घर में तरह-तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं, जिनमें तिल, आटा, सूजी, लाई, बेसन के लड्डू के अलावा पपड़ी और गुजिया जैसे पकवान बनते हैं और संक्रांति के स्नान के बाद भगवान को भोग लगाकर लोग यह पकवान खाते हैं। लड्डुओं में गुण का उपयोग किया जाता है, जो काफी फायदेमंद होता है।

Conclusion:

उम्मीद करता हूं कि हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल आपको पसंद आएगा आर्टिकल संबंधित अगर आपका कोई भी सुझाव या प्रश्न है तो आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर पूछ सकते हैं उसका उत्तर हम आपको जरूर देंगे तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में..!!

FAQ’s Makar Sankranti Vahan 2024

Q.  2024 में मकर संक्रांति मनाई जाएगी ?
Ans. 15 जनवरी को साल 2024 की मकर संक्रांति धूमधाम से मनाई जाएगी। 

Q.  2024 में मकर संक्रांति का वाहन क्या है?
Ans. साल 2024 में मकर संक्रांति का वाहन वाराह (सुअर) है ।

Q.  मकर संक्रांति पर सूर्य किस राशि में प्रवेश करते है?
Asn. मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते है।

Q.  मकर संक्रांति पर सूर्य किस ओर वक्री होते हैं?
Asn. मकर संक्रांति पर सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण ओर वक्री होते है।

Q. 2024 में मकर संक्रांति कब है?
Ans.मकर संक्रांति 14 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी और द्रिकपंचांग के अनुसार शुभ समय सुबह 7:15 बजे से शाम 5:46 बजे के बीच है।

Q. क्या मकर संक्रांति भारत के बाहर मनाई जाती है?
मकर संक्रांति, एक हिंदू त्योहार होने के नाते, भारत और नेपाल में भी मनाया जाता है। इसके अलावा, कुछ अन्य देश भी हैं जहां पर मकर संक्रांति मनाई जाती हैं।

Q. मकर संक्रांति पर कौन से स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जाते हैं?
Ans.कुछ स्वादिष्ट व्यंजन जिन्हें आप इस मकर संक्रांति पर बना सकते हैं, वे हैं पूरन पोली, उंधियू, साबूदाना वड़ा, भोगीची भाजी, खारा पोंगल आदि।

इस ब्लॉग पोस्ट पर आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। इसी प्रकार के बेहतरीन सूचनाप्रद एवं ज्ञानवर्धक लेख easyhindi.in पर पढ़ते रहने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हैं।

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